रियो ओलंपिक : बैडमिंटन में सायना बाहर, श्रीकांत ने कायम रखी उम्मीदें

रियो डी जनेरियो।… भारत के लिए रियो ओलंपिक का नौवां दिन बैडमिंटन में बड़ी उम्मीदों के टूटने और नई उम्मीद को जन्म देने वाला रहा. लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता सायना नेहवाल से भारतीय खेल प्रेमियों को पदक की काफी उम्मीद थी, लेकिन वह महिला एकल वर्ग के दूसरे ग्रुप मुकाबले में हारकर ओलंपिक से बाहर हो गईं.

पुरुष एकल वर्ग में हालांकि किदाम्बी श्रीकांत ने उम्मीद जगाए रखी है. वह अपना दूसरा ग्रुप मुकाबला भी जीत गए और प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया. पांचवीं विश्व वरीयता प्राप्त सायना को ग्रुप-जी के मुकाबले में यूक्रेन की 61वीं विश्व वरीयता प्राप्त मारिया यूलितिना ने रोमांचक मुकाबले में 21-18, 21-19 से मात दी. वहीं, श्रीकांत ने स्वीडन के हेनरी हुरसकाईनने को ग्रुप-एच के कड़े मुकाबले में 21-6, 21-18 से हराया.

पहले गेम में सायना और मारिया के बीच मुकाबला देखा गया. पांचवीं वरीयता प्राप्त सायना ने पहले गेम की अच्छी शुरुआत की और 5-1 से बढ़त ले ली. हालांकि यूक्रेन की खिलाड़ी ने जल्द वापसी करते हुए 8-8 से बराबरी कर ली.

सायना ने कुछ अच्छे शॉट खेले और चालाकी का परिचय देते हुए एक बार फिर 11-9 से बढ़त हासिल कर ली. मारिया ने कड़ी प्रतिस्पर्धा दिखाई और स्कोर फिर से 13-13 से बराबरी पर लाने में सफल रहीं. यहां से यूक्रेन की खिलाड़ी ने 19-17 से बढ़त हासिल की और इसे बनाए रखते हुए पहला गेम 21-18 से अपने नाम किया.

मारिया ने दूसरे गेम की अच्छी शुरुआत की और पहला अंक हासिल किया, लेकिन सायना ने पलटवार करते हुए लगातार चार अंक हासिल किए और 4-1 से बढ़त ले ली. मारिया ने एक बार फिर शानदार खेल दिखाया और 4-4 से बराबरी कर ली.

सायना ने इसके बाद 7-6 से बढ़त ले ली, लेकिन नेट पर शॉट मार उन्होंने इस बढ़त को गंवा दिया और मारिया को बढ़त लेने का मौका दे दिया. 9-7 से यूक्रेन की खिलाड़ी आगे थीं, लेकिन दो अंक हासिल करते हुए सायना ने वापसी भी की.

सायना ने फिर बढ़त हासिल की और स्कोर 12-10 कर लिया. यहां से दोनों खिलाड़ियों ने जबरदस्त खेल दिखाया. कभी सायना आगे जा रही, तो कभी मारिया. दोनों खिलाड़ियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया.

एक समय दूसरे गेम में 15-17 से पिछड़ने के बाद यूक्रेन की खिलाड़ी ने 18-18 से बराबरी कर मैच को रोमांचक मोड़ पर ला दिया और 20-19 से बढ़त ले सायना को तगड़ा झटका दिया, जिससे सायना उबर नहीं पाईं और मैच हार कर ओलंपिक से बाहर हो गईं.

ग्रुप जी में यूतिलिना अपने दोनों मैच जीतकर शीर्ष पर रहीं और अगले दौर में प्रवेश कर गईं, वहीं सायना एक जीत और एक हार के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. ब्राजील की लोहान्नी विसेंट एक भी मैच नहीं जीत सकीं.

पुरुष एकल के मुकाबले में 11वीं विश्व वरीयता प्राप्त श्रीकांत ने पहला गेम महज 13 मिनट में अपने नाम किया. पहले गेम में श्रीकांत ने हेनरी को पैर जमाने का मौका नहीं दिया और 15-5 से बढ़त हासिल कर ली. हेनरी अंकों के विशाल अंतर को पाट नहीं पाए और कुछ ही देर में 6-21 से मैच हार गए.

दूसरे गेम में कई नाटकीय मोड़ आए लेकिन श्रीकांत ने धैर्य बनाए रखा और अंत में हेनरी की गलतियों का फायदा उठाया. हेनरी ने हालांकि इस गेम में शानदार खेल दिखाया और श्रीकांत को एक-एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा.

हेनरी ने गेम की शुरुआती अंक हासिल किया लेकिन श्रीकांत ने तुरंत बराबरी कर ली. भारतीय खिलाड़ी फिर 4-6 से पीछे हो गया, लेकिन लगातार दो अंक अपने नाम करते हुए 6-6 से बराबरी कर ली.

इस गेम में दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन शॉट खेले, लेकिन चालाकी के कारणश्रीकांत बाजी मार ले गए. 6-6 की बराबरी के बाद दोनों खिलाड़ियों में आगे निकलने की होड़ी लग गई और गेम हर अंक बाद बराबरी पर आ जाता.

अंतत: श्रीकांत ने 14-12 से बढ़त हासिल की और इसे कायम रखा. गेम के अंतिम क्षणों में हेनरी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया 18-19 पर आ गए, लेकिन श्रीकांत ने ध्यान केंद्रित रखा और दूसरा गेम 21-18 से 21 मिनट में जीत अगले दौर में जगह बनाई.

ग्रुप-एच के अपने पहले मैच में श्रीकांत ने मेक्सिको के लिनो मुजोन को 21-11, 21-17 से हराया था.