चचेरे भाई ने की भाई-भाभी की नृशंस हत्या, घंटों आंगन में पड़े रहे शव

पौड़ी जिले के रिखणीखाल ब्लॉक के तोल्यूडांडा गांव में एक चचेरे भाई ने भाई और भाभी की धारदार हथियार से हत्या कर दी. एसडीएम ने रिखणीखाल थाना पुलिस और राजस्व पुलिस की टीम को गांव के लिए रवाना कर दिया, लेकिन द्वारी के पास सड़क बाधित होने के कारण टीम काफी देर तक रास्ते में फंसी रही. देर शाम पुलिस प्रशासन सड़क खुलवाकर गांव पहुंचा. हत्या आरोपी फरार हो गया.

तोल्यूडांडा में सुरेंद्र सिंह रावत और प्रेम सिंह रावत चचेरे भाई हैं. उनके बीच काफी समय से जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी. कई बार उनमें झगड़ा होता रहता था. शनिवार दिन में प्रेम सिंह (62) और उनकी पत्नी सुलोचना देवी (58) घर से सुरेंद्र सिंह के आंगन से होते हुए अपनी गोशाला की ओर जा रहे थे. तभी उनमें किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया.

दोनों पक्ष एक-दूसरे को मारने-मरने पर उतारू हो गए. तभी गुस्से में सुरेंद्र सिंह ने अपने घर के आंगन में चचेरे भाई और भाभी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. गांव में दोहरे हत्याकांड की खबर लगते ही सनसनी फैल गई.

ग्रामीणों ने घटना की जानकारी राजस्व पुलिस और प्रशासन को दी. एसडीएम सोहन सिंह सैनी ने बताया कि मामले को राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को सौंपने के लिए जिलाधिकारी को लिखा जा रहा है.

रिखणीखाल के थानाध्यक्ष रवींद्र सिंह नेगी ने बताया कि गांव पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. शव कब्जे में ले लिए गए हैं. हत्या आरोपी फरार है. ग्रामीणों ने बताया कि मृतक प्रेम सिंह का बड़ा बेटा दीपक रावत उत्तराखंड पुलिस में सिपाही है और इन दिनों उत्तरकाशी जिले में तैनात है. उसे घटना की सूचना भिजवा दी गई है.

रिखणीखाल थाना और राजस्व पुलिस के पहुंचने तक किसी की हिम्मत नहीं हुई कि वे घटनास्थल पर जा सकें. राजस्व पुलिस की मानें तो भाई-भाभी की हत्या के बाद मौके पर पहुंची उनकी बहू के पीछे भी हत्या आरोपी हथियार लेकर दौड़ा, उसने किसी तरह भागकर जान बचाई.

पट्टी पैनो-3 के पटवारी नासिर खान के अनुसार सुरेंद्र सिंह रावत और प्रेम सिंह के परिवार में काफी समय से मनमुटाव चल रहा था. कई बार एक-दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप लगे थे. करीब ढाई महीने पहले हुए विवाद को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने खुद गांव में पंचायत बैठाकर दोनों परिवारों के बीच राजीनामा करवा दिया था.

तब से उनके बीच किसी बड़े झगड़े की सूचना नहीं मिली थी. ग्रामीणों ने राजस्व पुलिस को बताया कि दिन में दोनों भाइयों के बीच काफी गाली-गलौच और झगड़ा हुआ था. तब किसी को इसकी भनक नहीं थी कि बात हत्याकांड तक पहुंच जाएगी। सुरेंद्र का रूप देखकर ग्रामीण भयभीत हो गए और घटनास्थल से काफी दूर चले गए.

घटना के वक्त सुरेंद्र सिंह के घर पर केवल उनकी पत्नी मौजूद थी. वहीं प्रेम सिंह के घर पर उनके छोटे बेटे की बहू रीना देवी मौजूद थी. सास-ससुर के साथ झगड़ा होने की खबर लगते ही वह घटनास्थल की ओर दौड़ी. तभी हत्यारोपी ने उसे डरा-धमका कर वहां से भगा दिया. बहू ने राजस्व पुलिस को बताया कि हत्या आरोपी उसके पीछे दौड़ा. उसने किसी तरह भागकर जान बचाई. देर रात पुलिस और राजस्व पुलिस की टीम पहुंचने तक उनके शव सुरेंद्र सिंह के आंगन में पड़े रहे.