समाज कल्याण विभाग का अजब ‘कल्याण’, जिंदा व्यक्ति को मार दिया, अब दर-दर भटक रहा

उत्तराखंड के समाज कल्याण विभाग के हालात भी गजब के हैं. कभी तो विभाग मृत व्यक्तियों को पेंशन जारी कर देता है और कभी जिंदा व्यक्ति को ही मार देता है.

एक नया मामला है अस्थायी राजधानी देहरादून के ओल्ड राजपुर निवासी मान सिंह का सामने आया है. समाज कल्याण विभाग ने दस्तावजों में खुद ही मान सिंह को मृत घोषित कर दिया और तीन महीने से उनकी पेंशन रोक दी.

अब मान सिंह खुद को जिंदा साबित करने के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनने को तैयार नहीं है. ओल्ड राजपुर निवासी मानसिंह की मानें तो इसी साल 29 मार्च को आखिरी पेंशन जारी हुई थी.

तीन महीने इंतजार करने के बाद जब खाते में पेंशन का पैसा नहीं आया तो वह इसके बारे में पता करने समाज कल्याण विभाग पहुंचे. कार्यालय में उन्होंने पेंशन न आने का कारण पूछा तो पता चला कि दस्तावेज में वह मर चुके हैं. इसके कारण उनकी पेंशन रोक दी गई है.

यह सुनकर मानसिंह के होश उड़ गए. उसके बाद से मानसिंह तमाम दस्तावेज के साथ कार्यालय पहुंचकर जिंदा होने का दावा कर रहे हैं. इसके बावजूद कोई उनके जिंदा होने की बात स्वीकार नहीं कर रहा है.

आखिरकार मानसिंह ने एक वकील के जरिए मंगलवार को उपजिलाधिकारी (SDM) को ज्ञापन भेजकर पेंशन जारी कराने का निवेदन किया. साथ ही जांच कराने की मांग की ताकि यह पता चल सके कि आखिर ऐसा क्यों किया गया है.

बुजुर्ग का कहना है कि पहले ही वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं. ऐसे में पेंशन बंद कर देने से कई समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं. हालांकि समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिए यह कोई नई बात नहीं है. अक्सर यहां मुर्दों को जिंदा दिखाकर पेंशन जारी होती रही है. इस बार जिंदा को मुर्दा दिखाकर वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई.