‘भ्रष्टाचार, लूट, बिगड़ती कानून व्यवस्था और कमीशनखोरी में हरीश रावत सरकार को मिले गोल्ड मेडल’

उत्तराखंड प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष अजय भट्ट ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार पर ताबड़तोड़ हमले किए. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार केन्द्र पर बजट न देने का आरोप लगाती है लेकिन हकीकत तो यह है कि कुल 488 करोड़ रुपये सरकार के पास पार्किंग मनी का पड़ा हुआ है, जिसे खर्च नहीं किया गया है.

राज्य सरकार को हकीकत का आईना दिखाते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि जिला योजना के बजट के लिए जो खाका तैयार कर सभी जिलों को दिसमंबर 2015 में देना चाहिए था, वह बजट जिलों से जून और जुलाई महीने में तैयार किया गया.

बीजेपी अध्यक्ष पूरी तैयारी के साथ सरकार पर हमला करने पहुंचे थे. उन्होंने वित्तीय वर्ष 2015-16 का ड़ाटा सामने रखते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने इस साल मई तक शून्य बजट खर्च किया. जबकि राष्ट्रपति शासन के दौरान वित्तीय वर्ष 2016-17 में 3.24 प्रतिशत ही व्यय हुआ.

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की नौकरशाही डिप्रेशन में है. भट्ट ने कहा कि कुछ आईएएस अधिकारी बिना काम के बैठे हैं और कुछ अधिकारियों को कई विभाग आ‌वंटित किए गए हैं.

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि मंडलायुक्त जैसा पद जिसकी अपनी गरिमा होती है वो वह पद एक आईएएस अधिकारी को दिया गया है जो कि पहले से ही सचिव परिवहन, सचिव आबकारी, का चार्ज संभाल रहे हैं.

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि इससे राज्य के दूसरे आईएएस अधिकारी डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं और यही वजह रही कि सरकार के द्वारा दिए गए डिप्रेशन के चलते ही उद्यमसिंहनगर के पूर्व जिलाधिकारी आईएएस अक्षत गुप्ता की मौत हुई.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार, लूट, बिगड़ती कानून व्यवस्था और कमीशनखोरी के मामले में आगे है. लिहाजा राज्य सरकार को इस दिशा में गोल्ड मेडल मिलना चाहिए. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि आज केन्द्र सरकार द्वारा जिन केन्द्रीय योजनाओं में पैसा दिया जा रहा है उनमें राज्य सरकार के स्तर ले लूट मचाई जा रही है. भट्ट ने कहा कि चहेते ठेकेदारों के लिए योजनाओं का पैसा जानकर रोका जा रहा है ताकि मोटी कमीशनखोरी की जा सके.

वहीं यूकेडी द्वारा हरीश रावत के उपचुनाव के दौरान चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र को लेकर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला बीजेपी पहले ही उठा चुकी है और अब ये भी खोज का विषय है. भट्ट ने कहा कि अपने शपथ पत्र में मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के नाम भी छुपाए हैं और बीजेपी इसको लेकर पहले ही चुनाव आयोग से इस मामले में शिकायत कर चुकी है.