हरीश रावत सरकार के खिलाफ वर्चुअल दुनिया ‘फेसबुक-ट्विटर’ पर जंग की तैयारी में बीजेपी

उत्तराखंड बीजेपी अब सोशल मीडिया को सरकार के खिलाफ एक सशक्त हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने जा रही है. इसके लिए बीजेपी ने बूथ से लेकर मंडल, विधानसभा व जिला स्तर पर कमेटियां भी तैयार कर ली हैं.

इन कमेटियों के प्रभारियों को इस बात का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है कि कैसे उन्हें जनता के बीच में पार्टी की बात को लेकर जाना है. कैसे फेसबुक, व्हाट्सऐप व ट्विटर का अधिक से अधिक प्रयोग करते हुए राज्य सरकार की विफलताओं और केन्द्र की योजनाओं को जनता के बीच लेकर जाना है. इसके साथ ही बीजेपी अपने मीडिया सेल को भी और मजबूत कर रही है.

लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए एक सशक्त माध्यम बना सोशल मीडिया अब प्रदेश बीजेपी के लिए भी 2017 में अहम भूमिका निभाएगा. बीजेपी सोशल मीडिया को भी एक हथियार के तो तौर पर इस्तेमाल करने जा रही है. इसके लिए बीजेपी ने राज्यभर में सभी बूथों से लेकर मंडल, जिला, विधानसभा और प्रदेश स्तर पर अपने मीडिया सेल को और मजबूत करने का प्लान तैयार किया है.

इसके लिए जहां बूथ स्तर पर भी मीडिया प्रभारी तैयार किए गए हैं तो वहीं मंडल और विधानसभा में भी प्रभारी बनाकर उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इनका काम आम जनता को बीजेपी से जोड़ना होगा. बीजेपी का सोशल मीडिया सेल व्हाट्सएप, फेसबुक व ट्विटर ग्रुप तैयार करेगा और लोगों को इससे जोड़ेगा.

इसके बाद इसमें केन्द्र की योजनाओं के साथ ही राज्य सरकार की नाकामियों को भी ग्राफिक्स के जरिए जनता के बीच ले जाया जाएगा. यानी आकर्षक तरीके से राज्य सरकार की नाकामियों को सोशल मीडिया में भुनाया जाएगा. साथ ही आम जनता से फीड बैक भी लिया जाएगा.

पार्टी सूत्रों की मानें तो जनता का यह फीड़ बैक कैंडिडेट सिलेक्शन में भी अहम भूमिका निभा सकता है. दरअसल इस बार कैंडिडेट सर्वे के आधार पर ही बीजेपी टिकट बंटवारे का दांव खेलेगी. जिताऊ उम्मीदवारों पर ही पार्टी का फोकस होगा.

मीडिया टीम को और कैसे मजबूत और आक्रामक बनाया जाए, इसके लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में कार्यशाला का आयोजन भी किया गया है, जिसमें मीडिया प्रभारियों को जरूरी टिप्स भी दिए गए हैं.