रियो 2016: 36 साल बाद ओलंपिक खेल रही महिला हॉकी टीम ने दिखाया जज्बा, मैच ड्रॉ

रियो डी जिनेरियो।… 36 साल बाद ओलिंपिक में खेल रही भारतीय महिला हॉकी टीम का रियो ओलिंपिक में रविवार को जापान के खिलाफ खेला गया पहला पूल मैच 2-2 से ड्रॉ रहा. ओलिंपिक हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत की तरफ से रानी रामपाल और लिलिमा मिंज ने गोल किए, जबकि जापान के लिए इमी निशिकोरी और मेई नाकाशिम ने स्कोर किया. गौरतलब है कि लंदन में खेली गई यूरो हॉकी चैम्पियनशिप के फाइनल में इंग्लैंड के जगह बना लेने के बाद भारत को ओलिंपिक में प्रवेश मिला था.

भारतीय टीम ने इस मैच में जोरदार वापसी की. एक समय वह दो गोल से पिछड़ रही थी, वाबजूद इसके उसने हिम्मत नहीं हारी और दो गोल कर मैच ड्रॉ करा लिया. पहला क्वार्टर खत्म होने से कुछ देर पहले ही 15वें मिनट में निशिकोरी ने जापान को बढ़त दिला दी. जापान को पेनल्टी कॉर्नर मिला और टीम ने चालाकीभरे अंदाज में निशिकोरी की मदद से एक गोल की बढ़त ले ली.

इसके बाद भारतीय टीम पर दबाव साफ नजर आ रहा था, हालांकि गोलकीपर सविता ने कुछ अच्छे शॉट को रोक जापान को बढ़त नहीं लेने दी, लेकिन 28वें मिनट में नाकाशिमा के शानदार एंगल शॉट का सविता के पास कोई जवाब नहीं था. जापान 2-0 से आगे हो गया था.

तीसरे क्वार्टर के शुरू होने के कुछ ही देर बाद भारतीय टीम ने वापसी की और 31वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किया, जिसे रानी ने गोल में बदल कर जापान की बढ़त को कम किया. जापान ने इसके बाद फिर भारतीय खेमे पर हमला बोला और 34वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, हालांकि वह इसे गोल में तब्दील नहीं कर पाई. इसके तीन मिनट बाद ही भारतीय टीम को भी पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन उसने बराबरी के इस मौके को गंवा दिया.

40वें मिनट में भारतीय टीम के पास एक और गोल करने का मौका आया. उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला, जापान की गोलकीपर ने गोल बचाया लेकिन पास ही में खड़ी लिलिमा मिंज ने सतर्कता दिखाई और गेंद गोलपोस्ट में डाल भारत को बराबरी पर ला खड़ा किया.

तीसरे क्वार्टर का अंत होने से कुछ देर पहले सविता ने एक बार फिर शानदार गोलकीपिंग का परिचय दिया और 45वें मिनट में जापान को मिले पेनल्टी कॉर्नर को रोक उसे बढ़त लेने से रोका. अंतिम क्वार्टर में दोनों टीमें बढ़त हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही थीं. इसी संघर्ष में भारत के हिस्से एक और पेनल्टी कॉर्नर लगा, लेकिन सफलता उससे दूर रही. 58वें मिनट में जापान ने एक बार फिर हमला बोला लेकिन सविता एक बार फिर उनके आड़े आ गईं. दोनों टीमें अंतिम क्वार्टर में काफी प्रयासों के बाद भी मैच अपने नाम नहीं कर सकीं.