संसद में जीएसटी बिल पास, पीएम बोले- कर आतंक और भ्रष्टाचार मिटाएगा GST

लोकसभा में सोमवार को ऐतिहासिक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पारित होने के साथ ही यह विधेयक संसद से पारित हो गया. राज्यसभा ने इसे पिछले हफ्ते पारित किया था. लोकसभा में यह विधेयक दो-तिहाई बहुमत से पारित हुआ. अंतिम मतदान में लोकसभा के कुल 443 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया और इसके विरोध में एक भी मत नहीं पड़ा. एआईएडीएमके के सदस्य विधेयक पर मतदान से पहले ही लोकसभा से बहिर्गन कर गए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक राज्यों, छोटे उद्यमियों को मदद करेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगा. प्रधानमंत्री ने लोकसभा में जीएसटी पर बहस में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि नया कर कानून देश को कर आतंकवाद से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम होगा और यह उपभोक्ताओं को राजा बनाएगा.

मोदी ने कहा कि प्रस्तावित कर कानून प्रौद्योगिकी आधारित होगा. उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में कच्चा बिल-पक्का बिल की एक परंपरा है.’ उन्होंने कहा कि इसके बाद व्यापारिक घराने और उद्यमी पक्का बिल देने के लिए मजबूर हो जाएंगे और इससे दीर्घकाल में भ्रष्टाचार समाप्त होगा.

मोदी ने इस विधेयक को ‘टीम इंडिया का महान कदम, बदलाव की दिशा में बड़ा कदम और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम’ करार दिया. सदस्यों की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों के जवाब देने की कोशिश करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नया कानून राज्यों के लिए मददगार होगा, खासतौर से पिछड़े राज्यों के लिए. उन्होंने कहा, ‘यह असंतुलित विकास की समस्या को सुलझाएगा.’

राज्यसभा ने तीन अगस्त को ही सर्वसम्मति से संविधान संशोधन विधेयक पारित कर दिया था और इसके साथ ही पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था लागू करने का रास्ता साफ हो गया. पिछले सप्ताह राज्यसभा में बहस के दौरान प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति को लेकर कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियों ने आलोचना की थी.

लेकिन सोमवार को लोकसभा में बहस के दौरान मोदी अधिकांश समय तक मौजूद रहे और शाम को अपना भाषण देने के बाद भी वह सदन में बैठे रहे. पीएम मोदी ने समझाया कि जीएसटी किस तरह भ्रष्टाचार समाप्त करने में योगदान करेगा. उन्होंने कहा कि नया तंत्र पूरी आपूर्ति श्रृंखला में लीकेज को बंद करेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में जनता और नेता अक्सर भ्रष्टाचार के बारे में बातें करते रहते हैं, लेकिन व्यवस्था को दुरुस्त करने की भी एक आवश्यकता है. पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने हमेशा से कहा है कि छोटे व्यापार देश की ताकत हैं और उनकी सरकार ने जीएसटी कानून में आवश्यक बदलावों के लिए कड़ी मेहनत की है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उपभोक्ता और छोटे व्यापारी इससे अपार लाभ उठा सकें. उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारी इससे अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी का एक बड़ा संदेश यह होगा कि ‘उपभोक्ता राजा होगा.’ मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत भारत छोड़ो आंदोलन की पूर्व संध्या पर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के साथ की.’

प्रधानमंत्री मोदी ने नौ अगस्त, 1942 को शुरू हुए ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का जिक्र करते हुए कहा, ‘ऐसे समय में जब हम उन्हें (स्वतंत्रता सेनानी) याद कर रहे हैं, संसद, सांसद मिलकर ‘कर आतंक’ से मुक्ति की दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं.’

मोदी ने कहा, ‘इस विधेयक के पारित होने को किसी एक पार्टी की जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. यह सभी राजनीतिक पार्टियों की जीत है और भारतीय लोकतंत्र की जीत है.’

लोकसभा जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक को मई 2015 में ही पारित कर चुकी थी, लेकिन पिछले सप्ताह राज्यसभा द्वारा इसमें किए गए सुधारों को मंजूरी देने के लिए इस पर फिर से चर्चा हुई. सरकार ने एक प्रतिशत अतिरिक्त कर समाप्त करने सहित छह आधिकारिक संशोधन पेश किए.

सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बहस में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री सहित बीजेपी नेताओं से पूछा कि यूपीए के शासन के दौरान उन्होंने जीएसटी विधेयक का विरोध क्यों किया था. खड़गे ने कहा, ‘सारा दोष हमारे ऊपर मढ़ा जा रहा है, यह भावना फैलाई जा रही है कि हमने (कांग्रेस) जीएसटी को रोककर रखा है. वास्तव में आप लोगों (बीजेपी) ने इसका विरोध किया था.’

मोदी ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जीएसटी से जुड़े मुद्दों को देख चुके होने के नाते आज प्रधानमंत्री के रूप में इन समस्याओं को सुलझाने में मुझे आसानी हुई है. उन्होंने कहा कि यह सच है कि पूर्व में राज्यों और केंद्र के बीच एक अविश्वास की स्थिति बनी हुई थी. लेकिन अब दोनों के बीच अच्छे संबंध विकसित हुए हैं, क्योंकि सदस्य जीएसटी पर चर्चा के लिए संसद में दलगत संबद्धताओं से ऊपर उठ गए हैं.

पीएम मोदी ने कहा, ‘राज्यों और केंद्र के बीच एक आम सहमति बनाने की आवश्यकता है.’ उन्होंने कांग्रेस नेता एम. वीरप्पा मोइली के उस तर्क का कड़ाई से विरोध किया, जिसमें मोइली ने कहा था कि राज्य सरकार ने इस समान कर कानून पर सिर्फ राज्यसभा के नेताओं से मशविरा किया और लोकसभा को एक कनिष्ठ साझेदार बना दिया.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस तरह की बात अनावश्यक है.’ उन्होंने आगे कहा कि जब उनकी सरकार ने जीएसटी पर राय-मशविरा शुरू किया तो उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (लोकसभा सदस्य), और मनमोहन सिंह (राज्यसभा सदस्य) दोनों से मुलाकात की थी.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एक लोकसभा सांसद हैं, और दूसरे राज्यसभा सदस्य हैं. मैंने दोनों सदनों के साथ समान व्यवहार किया. लोकसभा के साथ एक कनिष्ठ सदन के रूप में व्यवहार करने का सवाल ही नहीं उठता.’

इसके पहले बहस के दौरान मोइली ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि इस सदन के पास दिमाग नहीं हैं’, और उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के सदन प्रबंधकों ने केवल ऊपरी सदन के सदस्यों से मशविरा किया. मोदी ने कहा कि जीएसटी विधेयक के पारित होने से एक नया कर तंत्र तैयार होगा.

उन्होंने वित्तमंत्री अरुण जेटली को यह सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया कि 16 राज्य विधेयक को यथा शीघ्र जल्द से जल्द अपनी मंजूरी दे दें और साथ ही एकीकृत जीएसटी, केंद्रीय जीएसटी और राज्य जीएसटी संबंधित मसौदा कानून जल्द पारित कराने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएं.