प्रधानमंत्री ने तेलंगाना की पेयजल परियोजना का शुभारंभ किया

तेलंगाना में पाइप के जरिए हर घर में पेयजल पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भगीरथ मिशन की शुरुआत की। मेडक जिले के गजवेल विधानसभा क्षेत्र स्थित कोमातीबंडा गांव में उन्होंने एक स्तंभ का अनावरण कर राज्य सरकार की इस प्रमुख परियोजना के प्रथम चरण का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के निर्वाचन क्षेत्र गजवेल के 243 गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए मोदी ने एक नल खोलकर परियोजना की शुरुआत की।

पहली बार तेलंगाना के दौरे पर आए प्रधानमंत्री मोदी ने दूर से राज्य के विभिन्न भागों की कई परियोजनाओं का शुभारंभ किया या आधारशिला रखी।

तेलंगाना के 24 हजार गांवों और 65 शहरों के हर घरों में संसाधित पेयजल पहुंचाने के लिए जल संग्रहण और संरक्षण हेतु 42 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली भगीरथ परियोजना के तहत कृष्णा-गोदावरी नदी और मौजूदा जलाशयों को आपस में जोड़ा जाएगा।

राज्य के राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन, मुख्यमंत्री राव और कुछ केंद्रीय मंत्रियों के साथ मोदी ने भगीरथ परियोजना पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का भी आवलोकन किया।

प्रधानमंत्री ने 1600 मेगावाट क्षमता वाली तेलंगाना सुपर थर्मल पॉवर परियोजना की भी आधारशिला रखी। करीमनगर जिले के रामागुंडम में इस परियोजना को नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) 10,500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित कर रहा है।

रामागुंडम उर्वरक संयंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए आधारशिला रखने हेतु मोदी ने एक फलक का अनावरण किया। यह संयंत्र 17 साल पहले बंद कर दिया गया था, जिसे 5250 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्जीवित किया जा रहा है।

उन्होंने हैदराबाद और करीमनगर को जोड़ने वाली कोथापल्ली-मनोहराबाद रेल लाइन के लिए भी आधारशिला रखी। इस कार्य की अनुमानित लागत 1100 करोड़ रुपये है।

मोदी ने 1200 मेगावाट क्षमता वाला ताप विद्युत संयंत्र राष्ट्र को समर्पित किया, जिसे 8000 करोड़ रुपये की लागत से सिंगरेनी कोयलरीज ने स्थापित किया है।

प्रधानमंत्री ने वारंगल जिले में कालोजी नारायणराव स्वास्थ्य एवं विज्ञान विश्वविद्यालय का भी उद्घाटन किया।

बाद में प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित किया और पृथक राज्य बनने के बाद तेलंगाना सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि सबसे युवा यह राज्य अपने सपने पूरा करने में सफल होगा।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू, सुरेश प्रभु, अनंत कुमार, पीयूष गोयल और बंडारू दत्तात्रेय भी उपस्थित थे।

बेगमपेट हवाईअड्डे पर उतरने के बाद प्रधानमंत्री अपराह्न् 2.20 बजे हैदराबाद पहुंचे। वह हेलीकॉप्टर में सवार होकर कोमातीबंडा के लिए रवाना हो गए।