राज्यसभा में जीएसटी विधेयक पारित होना ऐतिहासिक बात : अरुण जेटली

जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक के पारित होने को ऐतिहासिक करार देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि नए राष्ट्रीय बिक्री कर से विनिर्माण करों में कमी आएगी, लेकिन सेवा कर के संदर्भ में निर्णय राज्य और केंद्र सरकारें करेंगी.

राज्यसभा में विधेयक को पूर्ण बहुमत मिलने के तुरंत बाद उन्होंने कहा कि उत्पाद शुल्क, सेवा कर और वैट समेत दर्जन भर से अधिक केंद्रीय और राज्य करों का सम्मिलन वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ‘शायद सबसे अहम’ कर सुधार होगा.

संसद भवन में जेटली ने संवाददाताओं से कहा, ‘आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि राज्यसभा ने जीएसटी विधेयक को पारित कर दिया है, जो काफी समय से लंबित था. मतदान के समय उपस्थित सभी सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में मत दिए.’

विधेयक का समर्थन करने के लिए कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि उच्च सदन की कार्यवाही ने पूरे विश्व को यह बता दिया कि यह भारतीय लोकतंत्र और भारत के संघीय ढांचे के संदर्भ में महान दिन है.

उन्होंने कहा, ‘वास्तव में भारतीय लोकतंत्र और भारतीय संघवाद ने शानदार काम किया क्योंकि एक बड़े कर सुधार को आगे बढ़ाने के लिए सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दल और राज्य सरकारें एक साथ आयीं. सरकार इस मुद्दे पर आम सहमति बनाना चाहती थी, जिसे कर दिखाने में वह सफल रही.’

जीएसटी के लागू होने पर हवाई यात्रा, मोबाइल बिल और रेस्टोरेंट में खाना महंगा होने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि कर दरों का फैसला राज्यों और केंद्र से मिलकर बनी जीएसटी परिषद करेगी.

बाद में उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि देश में जीएसटी लागू हो जाने पर जीडीपी में वृद्धि होगी और अधिक निवेश आकर्षित हो सकेंगे वहीं भारत में कारोबार करना सुगम हो जाएगा.