महिला और उसके दुधमुहे बच्चे की जान बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गई बहादुर लड़की

देहरादून जिले में श्यामपुर के चिड़ियापुर में महिला और उसकी दुधमुंही बहन की जान बचाने के लिए एक लड़की खतरनाक जंगली जानवर गुलदार से भिड़ गई. गजब का साहस दिखाते हुए लड़की ने महिला और उसकी दुधमुंही बेटी को बचाकर ही दम लिया.

दरअसल, चिड़ियापुर में एक वन गुर्जर डेरे में गुलदार ने चारपाई पर लेटी महिला और उसके बच्चे पर अचानक हमला कर दिया. इस दौरान डेरे में महिला और उसके दुधमुंहे बच्चे की जान बचाने के लिए वह जांबाज लड़की गुलदार से भिड़ गई. अपनी मां के साथ मिलकर उसने गुलदार को मारकर ही दम लिया.

दरअसल, चिड़ियापुर रेंज में कुछ वन गुर्जरों के डेरे हैं. सोमवार दोपहर करीब 2 बजे मुस्तफा के डेरे पर उसकी बेटी अपने दुधमुंहे बच्चे को दूध पिला रही थी. इसी दौरान अचानक गुलदार ने उन दोनों पर हमला कर दिया.

हिम्मत दिखाते हुए मुस्तफा की छोटी बेटी सकुरा ने गुलदार पर डंडे से हमला कर दिया. इसी दौरान उसकी मां भी आ गई और दोनों ने गुलदार को पीट-पीटकर मार दिया और बच्चे की जान बचा ली.

चिड़ियापुर रेंज के रेंजर राजेन्द्र हिंगवाल ने बताया, करीब ढाई साल के गुलदार ने डेरे की महिला और बच्चे पर हमला किया. इसमें लड़की गंभीर रूप से घायल हो गई. बचाव में उन्होंने गुलदार को मार दिया.

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घायल महिला को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है. साथ ही घायल लड़की को मुआवज़ा सरकार की ओर से दिया जाएगा. घटना की सूचना पर वनकर्मियों ने गुलदार के शव को ले लिया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया. एसपी सिटी नवनीत सिंह ने भी इस घटनी की पुष्टि की है.

जंगल के बीच दशकों से रह रहे वन गुर्जर जंगली जानवरों के बीच अपनी जान दांव पर लगाकर रह रहे हैं. कगई दावों के बावजूद आज तक सरकार इनको पूरी तरह से पुनर्वासित नहीं कर सकी ही है. इस वजह से इंसान और जानवर के बीच के संघर्ष में किसी ना किसी की जान जा रही है.