उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, टोंस नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से इंजीनियरिंग छात्र की मौत

उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में रुक-रुक कर लगातार बारिश होने का सिलसिला जारी है और इसके चलते भूस्खलन से बाधित बद्रीनाथ और गंगोत्री के रास्तों समेत कई प्रमुख मार्गों पर सोमवार को भी यातायात बाधित रहा, जबकि अस्थायी देहरादून के निकट टोंस नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से उसमें इंजीनियरिंग का एक छात्र बह गया.

उत्तराखंड आपातकालीन परिचालन केंद्र अनुसार, देहरादन के निकट टोंस नदी में रविवार शाम अचानक जलस्तर बढने से उसमें एक युवक सहित तीन व्यक्ति फंस गए. सूचना मिलने पर पुलिस के बचाव दल के पहुंचने से पहले ही युवक नदी के तेज बहाव में बह गया. खोज-बीन किए जाने पर कई किलोमीटर दूर वह बहता मिला. उस बाहर निकाल कर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

मृतक की पहचान देहरादून के 20 वर्षीय उत्सव गौड़ के रूप में की गई है. गौड़ बीटेक द्तीय वर्ष का छात्र था. नदी में फंसे अन्य दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. राज्य में ज्यादातर स्थानों पर बारिश होने की सूचना है. कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई. पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड में नैनीताल में सर्वाधिक 132.08 मिमी बारिश दर्ज की गई,जबकि हल्द्वानी में 114 मिमी, खटीमा में 97, चोरगलिया में 91 मिमी, बडकोट में 75 मिमी, भटवाडी में 63 मिमी, डीडीहाट में 60, बनबसा और धूमाकोट में 50 मिमी, कालाढूंगी में 48 मिमी, धारचूला में 46.40 मिमी, उखीमठ में 41.25 मिमी और देहरादून में 40.06 मिमी बारिश की मात्रा रिकॉर्ड की गई है.

लगातार बारिश से बद्रीनाथ और गंगोत्री जाने वाले रास्तों सहित कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिन्हें खोलने की कार्रवाई की जा रही है. ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग चमोली में बद्रीनाथ और जोशीमठ के बीच लामबगड़ में भूस्खलन होने से लगातार चार दिन से यातायात के लिए बंद है.

जोशीमठ के उपजिलाधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि सीमा सडक संगठन ने उसे यातायात योग्य बना दिया है, लेकिन बारिश के कारण पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों के कारण उस पर वाहनों का आवागमन अभी बंद रखा गया है. सड़क बन्द होने से बद्रीनाथ धाम यात्रा थम सी गई है. कुछ तीर्थयात्री पैदल बद्रीनाथ दर्शन के लिए जा रहे हैं.

ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग भी गंगनानी, लालढांग, हेल्गुगाड और नैताला के पास भूस्खलन आने से अवरुद्ध है. इस बीच, मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सभी जिलाधिकारियों से भारी वर्षा को ध्यान मे रखते हुए अपने इलाकों में एहतियात बरतने को कहा है.

हरीश रावत ने फोन पर जिलाधिकारियों से बातचीत कर उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा है कि चारधाम सहित कावड़ यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधाओं का सामना न करना पड़े और यात्रियों को उचित मूल्य पर आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध हो जाए.

मुख्यमंत्री ने नदियों के समीपवर्ती स्थानों और निचले स्थानों पर लोगों को सतर्क करने तथा आवश्यक होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के भी निर्देश दिए. हरीश रावत ने भारी बारिश के कारण बंद हो रही सड़कों को तत्परता से खोलने की कार्यवाही करने को कहा.