लाइलाज हुई दून मेडिकल कॉलेज की बीमारी, अब अस्पताल में पानी की सप्लाई भी ठप

अस्थायी राजधानी देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज की समस्याओं का अंत नहीं है। यहां के मरीज कभी दवाओं के लिए जूझते हैं तो कभी अस्पताल कर्मचारी की हड़ताल का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता हैं. अब अस्पताल में मरीज बूंद-बूंद पानी के लिए भी तड़फ रहे हैं.

अस्पताल में पानी की सप्लाई में बंद हो गई है. इससे पूरे अस्पताल में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, इमरजेंसी, कैंटीन और जनरल वार्ड में पानी की सप्लाई पूरी तरह से ठप है. मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक ने जिस अंदाज में यहां पानी की सप्लाई बंद होने की बात बतायी उसे देखते हुए, ऐसा लगता है जैसे वे इस बात से दुखी नहीं खुश हैं.

एक तरफ मरीज परेशान हैं, दूसरी तरफ अधिकारी मस्त. बेहतर होता कि स्वास्थ्यमंत्री को भी पानी के संकट की ख़बर मिल जाती. डॉ. केके टम्टा, अधीक्षक देहरादून मेडिकल कॉलेज का कहना है कि पानी की समस्या को दूर करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है.

दरअसल अस्पताल को पानी की सप्लाई करने वाली ट्यूबवेल खराब हो चुकी है. जिसकी वजह से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है. उनका कहना है कि अस्पताल के पास जो संसाधन मौजूद हैं. उनका इस्तेमाल किया जा रहा है. अधीक्षक का कहना है कि फायर बिग्रेड की मदद ली जा रही है, लेकिन एक हजार रुपये घंटे के हिसाब से फायर ब्रिगेड़ चार्ज कर रहा है.

उनका कहना है अस्पताल इतनी धनराशि उपलब्ध नहीं करा सकता है. उन्होंने पानी के 15 टैंक जल संस्थान को भेजने की मांग की थी, लेकिन जल संस्थान महज 5 टैंक पानी ही दे पाया. दरअसल पानी की सप्लाई रुकने से कैंटीन में खाना बनाने के लिए पानी के टैंक मंगाने पड़ रहे हैं. वहीं मरीजों का कहना है कि पानी की सप्लाई न होने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है. उनका कहना है कि दवा के साथ अब उन्हें मंहगा पानी भी खरीदना पड़ रहा है.