जमैका टेस्ट : भारत ने पहले ही दिन पकड़ मजबूत की

भारतीय क्रिकेट टीम ने सबीना पार्क मैदान पर जारी पहले टेस्ट मैच के पहले दिन शनिवार का खेल खत्म होने तक मेजबान वेस्टइंडीज पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वेस्टइंडीज की पहली पारी 196 रनों पर समेटने के बाद भारत ने स्टम्प्स तक एक विकेट के नुकसान पर 126 रन बना लिए हैं।

दिन का खेल खत्म होने तक लोकेश राहुल 75 और चेतेश्वर पुजारा 18 रनों पर नाबाद लौटे। भारत ने शिखर धवन (27) के रूप में एक विकेट गंवाया है।

धवन और राहुल ने पहले विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी की। यह साझेदारी 19.3 ओवरों की रही। धवन को रास्टन चेस ने आउट किया। धवन ने अपनी 52 गेंदों की पारी में पांच चौके लगाए।

दूसरी ओर, मुरली विजय के चोटिल होने के कारण टीम में जगह पाने वाले राहुल ने अपनी उपयोगिता साबित करते हुए 114 गेंदों पर 10 चौके लगाए हैं। वह पुजार के साथ 39 रन जोड़ चुके हैं।

भारत पहली पारी की तुलना में 70 रन पीछे है लेकिन इके बावजूद पहले दिन के खेल के आधार पर उसने मेजबान टीम पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।

इससे पहले, ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (52-5) के नेतृत्व में अपने गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन के दम पर भारत ने वेस्टइंडीज की पहली पारी 196 रनों पर समेट दी।

टॉस हारने के बाद पहले गेंदबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए अश्विन के अलावा इशांत शर्मा और मोहम्मद समी ने दो-दो सफलता हासिल की। एक विकेट अमित मिश्रा को भी मिला। कैरेबियाई पारी की समाप्ति के साथ ही चायकाल की घोषणा कर दी गई।

मेजबान टीम ने 52.3 ओवरों का सामना किया। उसकी ओर से जेम्स ब्लैकवुड ने सबसे अधिक 62 रन बनाए। इसके अलावा मार्लन सैमुएल्स ने 37 तथा अपना पहला टेस्ट खेल रहे मिग्वेल कुमिंस ने नाद 24 रन बनाए।

ब्लैकवुड और सैमुएल्स ने सात रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद चौथे विकेट के लिए 81 रन जोड़े। यह कैरेबियाई पारी की सबसे बड़ी साझेदारी साबित हुई। इससे पहले और इसके बाद भारतीय टीम पूरी तरह मेजबानों पर हावी रही।

ब्लैकवुड ने अपना शानदार क्लास दिखाते हुए महज 62 गेदों का सामना कर सात चौके और चार छक्के लगाए। सैमुएल्स ने 88 गेंदों का सामना कर पांच चौके और दो छक्के लगाए जबकि कमिंस ने 25 गेदों पर दो चौके और इतने ही छक्के जड़े।

कुमिंस ने शेनॉन गेब्रियल के साथ अंतिम विकेट के लिए 38 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को 200 के करीब पहुंचाया। यह इस सीरीज में कैरेबियाई टीम का अब तक का न्यूनतम स्कोर है।

चार मैचों की सीरीज में मेजबान टीम 0-1 से पीछे है। उसे पहले टेस्ट मैच में एक पारी और 92 रनों से हार मिली थी। यह विदेश में भारत की सबसे बड़ी जीत है। उस मैच में अश्विन ने दूसरी पारी में सात विकेट लिए थे।