नैनीताल : श्मशान में मां को मुखाग्नि देने गए गए बेटे ने भी तोड़ा दम

नैनीताल जिले में रामगढ़ ब्लॉक के दाड़िमा गांव में मां की चिता को अग्नि देते समय उसके दुखी बेटे की भी मौत हो गई. 24 घंटे के भीतर इस तरह मां-बेटे की मौत की घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई.

गुरुवार रात दाड़िमा गांव निवासी जोगा राम की पत्नी भागुली देवी (65) की लंबे समय से बीमारी के चलते निधन हो गया. शुक्रवार को उसके शव को अंत्येष्टि के लिए गांव के श्मशान घाट ले जाया गया.

शवयात्रा में भागुली देवी के दोनों बेटों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे. बताया जाता है कि मां की चिता को मुखाग्नि देते वक्त बड़ा बेटा कृष्ण लाल (43) बेहोश होकर गिर पड़ा.

आनन-फानन में ग्रामीण उन्हें लेकर सड़क तक आए और वहां से 108 की मदद से रामगढ़ स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया. वहां से डॉक्टरों ने उन्हें हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

मां-बेटे की एक साथ मौत होने से परिवार में कोहराम मच गया. उनके घर में बुजुर्ग पिता, पत्नी, छह बेटियां और एक बेटा है. ग्राम प्रधान कुंदन सिंह रैक्वाल ने बताया कि उक्त परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है. कृष्ण लाल पर ही परिवार के पालन पोषण का जिम्मा था.