भारी बारिश ने रोकी केदारनाथ यात्रा, बद्रीनाथ हाईवे भी मलबा आने से बंद

उत्तराखंड के पहाड़ों में हो रही भारी बारिश के चलते शुक्रवार को चार धाम यात्रा प्रभावित रही. रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने से केदार यात्रा रोक दी गई. उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री हाईवे शुक्रवार को दूसरे दिन भी नहीं खुल पाया. चमोली जिले में बद्रीनाथ हाईवे पर भी लामबगड़ में शुक्रवार को सिर्फ 15 मिनट के लिए ही आवाजाही हो पाई.

गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं. इसके चलते जंगलचट्टी में दोनों तरफ फंसे करीब 500 यात्रियों को पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने सुरक्षित गौरीकुंड पहुंचाया. इसके अलावा प्रशासन ने केदारनाथ में 400, लिनचोली में 250 और भीमबली में 35 यात्रियों को रोक लिया.

उधर, बद्रीनाथ हाईवे पर बारिश से लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में पत्थर और मलबा छिटकने का सिलसिला दिनभर चलता रहा. गुरुवार रात करीब दो बजे हुई भारी बारिश के दौरान लामबगड़ में बद्रीनाथ हाईवे अवरुद्ध हो गया था. शुक्रवार को इस पर मात्र पंद्रह मिनट ही आवाजाही हो पाई.

गंगोत्री हाईवे शुक्रवार को भी नहीं खुला. यह मार्ग हेलगूगाड में गुरुवार शाम से अवरुद्ध है. चमोली जिले की उर्गम घाटी में भी गुरुवार रात की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. घाटी को जोड़ने वाले एकमात्र मोटर मार्ग के बाधित होने से घाटी अलग-थलग पड़ गई है.

उर्गम गांव में कल्प गंगा पर बना अस्थाई पुल नदी का जल स्तर बढ़ने से बह गया. इसके बाद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं. वहीं, पौड़ी जिले में पौड़ी-कोटद्वार मार्ग पर छतरीधार के पास बारिश के दौरान सड़क का पुश्ता भरभराकर गिर गया.

हादसे में एक कार चालक बाल-बाल बचा. लेकिन उत्तरकाशी के नौगांव क्षेत्र में पत्थर की चपेट में आने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई.