चमोली में घुसपैठ की खबर पर चीन की सधी हुई प्रतिक्रिया, कहा- ‘रिपोर्ट की सच्चाई’ का पता करेंगे

अक्सर आक्रामक रुख रखने वाले चीन ने उत्तराखंड में उसके सैनिकों की तरफ से अतिक्रमण पर सावधानीपूर्वक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह घुसपैठ के बारे में ‘रिपोर्ट की सच्चाई’ का पता करेंगे।

चीन ने कहा कि पीएलए (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) के सैनिकों ने सीमा पर शांति और स्थिरता कायम रखने के लिए हमेशा समझौतों का पालन किया है।

उत्तराखंड में घुसपैठ के बारे पूछे जाने पर चीन के रक्षा प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल यांग युजुन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘आपने जिस खबर का जिक्र किया है, हमें उसकी सच्चाई का पता करना होगा।’

उन्होंने कहा, ‘मैं यहां जोर देना चाहूंगा कि चीनी सीमा की रक्षा करने वाले जवानों ने हमेशा दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित समझौतों का पालन किया है।’

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यांग ने कहा कि चीन के जवान वास्तविक नियंत्रण रेखा के चीन की तरफ वाले क्षेत्र पर हमेशा क्रियाकलाप करते हैं। हम चीन-भारत सीमा पर शांति एवं स्थिरता को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

चीन के जवानों ने इस महीने उत्तराखंड के चमोली जिले में सीमा पर जमीन और वायु क्षेत्र से अतिक्रमण किया था, जब उसके जवान असैन्य क्षेत्र में ठहरे और उसके हेलीकॉप्टर पांच मिनट तक भारतीय वायुक्षेत्र में उड़े।

यह घटना चमोली के बाराहोती क्षेत्र में 19 जुलाई को हुई, जिसके बाद सुरक्षा प्रतिष्ठान ने इस क्षेत्र में तिब्बत के साथ लगी 350 किलोमीटर लंबी सीमा पर सुरक्षा की समीक्षा की।