नवप्रभात और राजेंद्र भंडारी बने नए मंत्री, राजभवन में हुआ हरीश रावत मंत्रिमंडल का विस्तार

हरीश रावत मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार गुरुवार सुबह 10 बजे हो गया। विकास नगर से विधायक नवप्रभात और बद्रीनाथ से विधायक राजेंद्र भंडारी ने पद की कर्तव्य एंव निष्ठा की शपथ ली। उधर, राजनीतिक गलियारों में ये खबर भी जोरों पर है कि नवप्रभात और राजेंद्र सिंह भंडारी की ताजपोशी के बाद हरीश रावत को अन्य विधायकों का रोष झेलना पड़ सकता है।

कांग्रेस विधायक नवप्रभात और राजेंद्र भंडारी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद विकास नगर के विधायक नवप्रभात ने कहा कि मंत्री बनने की इच्छा हर किसी की होती है, लेकिन सभी का यह सपना पूरा नहीं होता। उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी मंत्रालय दिया जाएगा वे अपनी पूरी क्षमता से काम करेंगे।

बद्रीनाथ से विधायक राजेंद्र भंडारी ने भी गुरुवार सुबह मंत्री पद की शपथ ली है। कभी सतपाल महाराज के करीबी माने जाने वाले भंडारी अब मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी माने जाते हैं। सुबह दस बजे राजभवन में शपथग्रहण समारोह आयोजित हुआ।

नए मंत्री बनाए गए राजेंद्र भंडारी ने कहा कि कम समय में काफी जिम्मेदारियां उनके ऊपर हैं। उन्होंने कहा, ‘लोगों की उनसे काफी उम्मीदें हैं। लोगों की अपेक्षा है कि हम विकास के काम करें और हमारी कोशिश होगी कि लोगों के विश्वास में खरे उतरने की होगी।’

फ्लोर टेस्ट पास करने के बाद सत्ता में दोबारा वापस आए हरीश रावत ने इन दोनों पदों को जल्द भरने का आश्वासन दिया था। तमाम लोगों ने इन पदों के लिए दावेदारी भी ठोंक रखी थी। खैर, मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्रियों के दो खाली पदों को भरने के संबंध में मुख्यमंत्री ने हाईकमान से चर्चा भी की।

दोनों ही विधायकों के नजदीकी रिश्तेदार और समर्थकों का बुधवार को ही अस्थायी राजधानी देहरादून में जुटना शुरू हो गया था। हालांकि दोनों ही विधायक देर रात तक किसी तरह की अधिकृत सूचना से इंकार करते रहे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने गढ़वाल में कांग्रेस का पलड़ा भारी करने के मकसद से दोनों पद यहीं से भरे। इसके अलावा ब्राह्मण-क्षत्रिय वोट बैंक में संतुलन बिठाने की भी कोशिश की है।

गौरतलब है कि हरीश रावत पर पार्टी में क्षत्रियों और कुमाऊं को तरजीह देने का आरोप लगता रहा है। ताजा घटनाक्रम इन दोनों फैक्टर को बैलेंस करने का सटीक प्रयास माना जा रहा है।