कश्मीर : श्रीनगर सहित घाटी के अधिकतर हिस्से में फिर लगा कर्फ्यू

भारी बारिश के बीच जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार को सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद कश्मीर घाटी में विभिन्न स्थानों पर फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया है। दक्षिण कश्मीर को छोड़कर घाटी के शेष हिस्सों से बुधवार को कुछ घंटे के लिए कर्फ्यू हटा लिया गया था।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नाराज युवक सड़कों पर उतर आए और सुरक्षा बलों पर पथराव किया, जिसके कारण प्रशासन को अशांति वाले इलाकों में फिर से निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी।

राज्य सरकार ने बीते दो हफ्ते से अशांत चल रहे कश्मीर में मंगलवार को कर्फ्यू हटा लिया था। लेकिन जैसे ही आम नागरिकों को आवागमन की छूट दी गई श्रीनगर और दक्षिणी कश्मीर में कुछ जगहों पर झड़पें शुरू हो गईं।

दक्षिणी कश्मीर से हालांकि अब तक कर्फ्यू नहीं हटाया गया है, क्योंकि अधिकारियों को भय है कि अलगाववादियों द्वारा कुलगाम कस्बे में बुलाई गई रैली के कारण हिंसा भड़क सकती है।

घाटी के दक्षिणी हिस्से को जोड़ने वाले सभी मार्ग एवं प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं तथा जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद रहा।

आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी की सुरक्षा बलों के हाथों हुई मौत के बाद से कश्मीर घाटी में हिंसक विरोध-प्रदर्शनों का दौर जारी है, जिसमें अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी हैं। हिंसा का सर्वाधिक असर दक्षिणी कश्मीर में है।

अपने घर में नजरबंद चल रहे वरिष्ठ अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने निषेधाज्ञा की परवाह न करते हुए घर से बाहर निकल आए। जिसके बाद पुलिस ने गिलानी को एहतियातन हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि गिलानी को थोड़ी देर नजदीकी पुलिस थाने में रखा गया।

हुर्रियत कांफ्रेंस के मध्यमार्ग धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को अपने घर के चारों ओर तैनात सुरक्षा घेरे को तोड़कर कुलगाम की ओर रैली निकालने की कोशिश में गिरफ्तार कर लिया गया।

इससे पहले मंगलवार को श्रीनगर में कर्फ्यू हटाने के दौरान ईदगाह इलाके में पथराव करती भीड़ तथा सुरक्षा बलों के बीच झड़प के दौरान अपने दुपहिया वाहन से नियंत्रण खो देने के कारण एक 61 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, मृत बुजुर्ग सेवानिवृत्त हो चुके सरकारी कर्मचारी थे और बाइक से गिरने के कारण उनके सिर पर गंभीर चोटें आई थीं।

अलगाववादियों ने मंगलवार को कर्फ्यू हटने के बाद लोगों से सामान्य दैनिक काम निपटाने के लिए कहा था। लेकिन श्रीनगर में कई जगहों पर युवकों में नाराजगी देखी गई, जिसके कारण दुकानों को फिर बंद करना पड़ा।

श्रीनगर में अधिकतर प्रदर्शनकारी युवा थे और उन्होंने मुख्य सड़क मार्ग, गलियां और दूसरे संपर्क मार्गो को पेड़ की टहनियां, सीमेंट की पाइपें और बड़े-बड़े पत्थर बिछाकर बाधित कर दिया। श्रीनगर तथा कई अन्य जिलों में मंगलवार की रात 40 से अधिक स्थानों पर पथराव करती भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं।

सुरक्षा बलों ने हालांकि इस दौरान संयम से काम लिया और कहीं से भी गोलीबारी की खबर नहीं है, हालांकि उन्होंने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पेलेट गन चलाए, जिसमें दर्जनों युवक घायल हुए हैं।