बिना सबूत के नरसिंह डोप मामले में हम पर अंगुली उठाना गलत : सुशील कुमार के कोच सतपाल

ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले नरसिंह यादव के डोप टेस्ट में विफल रहने में हाथ होने की अफवाहों को बकवास करार देते हुए नाराज सतपाल सिंह ने मंगलवार को कहा कि बिना किसी सबूत के उन पर और उनके शिष्य पर अंगुली उठाना गलत है।

सतपाल ने कहा कि उनके खिलाफ आरोप आधारहीन हैं और वह किसी भी जांच का सामना करने को तैयार हैं। जाने माने कुश्ती कोच और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार के ससुर सतपाल ने अंग्रेजी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ’ से कहा, ‘वे ये दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि सतपाल और उनकी टीम ने यह किया है, लेकिन हमारा इससे कोई लेना देना नहीं है। बिना सबूत के हमारे खिलाफ आरोप मत लगाइए। अगर आपके पास सबूत है तो सामने आइए।’

उन्होंने कहा, ‘नरसिंह डोप टेस्ट में नाकाम रहा है। सुशील, सतपाल का नाम कहां से आया। निजी तौर पर मैं काफी दुखी था जब मैंने नरसिंह के डोप परीक्षण में विफल रहने की खबर सुनी, क्योंकि मैं देश के लिए पदक चाहता था।’

उन्होंने कहा, ‘यह खिलाड़ियों, कोचों और महासंघ की जिम्मेदारी है कि वे ध्यान रखें कि क्या खा रहे हैं। आप कैसे कह सकते हैं कि यह साजिश है, जबकि आपके पास कोई सबूत नहीं है।’

नरसिंह ने पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल के साथ 74 किग्रा वर्ग में ओलंपिक कोटा हासिल किया था और भारतीय कुश्ती महासंघ ने रियो खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उन्हें चुना था और सुशील की ट्रायल कराने की मांग ठुकरा दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सुशील की यह मांग खारिज की थी।

लेकिन खेलों के महाकुंभ की शुरुआत से कुछ दिन पहले ही सुशील पर तरजीह पाने वाले नरसिंह को प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजीटिव पाए जाने पर अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया गया। नरसिंह ने डोप परीक्षण में विफल रहने के बाद कहा था कि वह साजिश के शिकार हुए हैं।

सतपाल ने कहा कि नरसिंह के खिलाफ उनकी कोई निजी लड़ाई नहीं है और वह ट्रायल की मांग करते हुए अदालत सिर्फ इसलिए गए थे कि ओलंपिक में इस वजन वर्ग में सर्वश्रेष्ठ पहलवान भारत का प्रतिनिधित्व करे।

उन्होंने कहा, ‘हम सिर्फ निष्पक्ष सुनवाई के लिए अदालत गए थे। हम नरसिंह को रोकने के लिए अदालत नहीं गए थे। अदालत के नरसिंह के पक्ष में फैसला सुनाने के बाद सुशील का अध्याय खत्म हो गया। हम ऊंची अदालत में इसलिए नहीं गए क्योंकि हम चाहते थे कि सर्वश्रेष्ठ पहलवान भारत का प्रतिनिधित्व करे और देश के लिए पदक जीते।’