हरिद्वार : हुड़दंगी कांवड़ियों के लिए ‘शत्रु’ बनी उत्तराखंड की ‘मित्र पुलिस’

हरिद्वार में चल रहे कांवड मेले के चलते पुलिस और कांवड़ियों में इन दिनों जमकर नोकझोंक देखने को मिल रही है। बता दें कि इसमें पुलिस कांवड़ियों पर 20 साबित हो रही है और उनकी मनमानी कांवड़ियों पर भारी पड़ रही है। वैसे तो उत्तराखंड पुलिस हमेशा ही मित्र पुलिस होने का दम भरती है। लेकिन हरिद्वार में चल रहे कांवड़ियों को दौड़ा दौड़ा कर पीटने से भी गुरेज़ नहीं कर रही है। इसलिए अब कांवड़ियों के बीच वह शत्रु पुलिस बनती जा रही है।

हरिद्वार के व्यस्तम सिंहद्वार चौक पर मित्र पुलिस का दम भरने वाली उत्तराखंड पुलिस के जवानों ने कांवड़ियों के साथ जमकर दुर्व्यवहार किया। मानव अधिकारों को ठेंगा दिखाकर उत्तराखंड पुलिस के जवान सुबह से शाम तक ड्यूटी पर तैनाती के समय इसी तरह का व्यवहार कांवड़ियों के साथ कर रहे हैं।

दरअसल इस मामले में कांवड़ियों को भी पूरी तरह से बेकसूर नहीं ठहराया जा सकता। कांवड़िए जिला प्रशासन द्वारा सुझाए गए मार्ग से यात्रा न करके मेन हाईवे से अपने गंतव्य की ओर जाने की मांग कर रहे हैं। दूरदराज से आए कांवड़िए पुलिस की इस कार्य प्रणाली से बेहद आहत हैं। कावड़ियों का कहना है कि आखिर पुलिस को मारपीट और गालीगलौच का अधिकार किसने दिया है। उधर पुलिस की मजबूरी यह है कि उसे प्रशासन की बात मानते हुए मेन हाईवे को खुला रखना है, ताकि यहां जाम की स्थिति पैदा न हो।

पुलिस के इस रुख से एक ओर कांवड़ियों के बीच धर्मनगरी और उत्तराखंड की पूरी पुलिस बदनाम हो रही है दूसरी ओर मेन हाईवे को हर हालत में चालू रखने से यात्री पुलिस की कार्रवाई से खुश भी हैं। एसएसपी हरिद्वार राजीव स्वरूप इसको हल्की-फुल्की नोकझोंक बता रहे हैं। हालांकि पुलिस अपना काम कर रही है, लेकिन इसके बावजूद कांवड़ियों पर बरसते पुलिस के डंडे कभी भी बवाल का कारण बन सकते हैं।