अब हल्द्वानी को ‘ई-गेटवे ऑफ़ कुमाऊं’ बनाने की तैयारी – डा0 इन्दिरा हृदयेश

स्थानीय एमबी डिग्री कालेज के सभागार में आधुनिक युग में ई-तकनीकी शिक्षा विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ उच्चशिक्षा एवं वित्तमंत्री डा0 श्रीमती इन्दिरा हृदयेश तथा शिक्षाविद डा0 पुष्पेश पंत द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला का आयोजन उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा अनुसंधान संस्थान, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय तथा उच्चशिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।

कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न महाविद्यालयों के प्रवक्ताओं तथा ई-वालिंटियर्स को सम्बोधित करते हुये उच्चशिक्षा मंत्री डा0 हृदयेश ने कहा कि वर्तमान दौर ई-पैटर्न पर है। बातचीत, रहन-सहन, लेखाबही, अभिलेख, शिक्षा अनुसंधान, अन्तरिक्ष विज्ञान तथा यहां तक कि विकास भी डिजिटाइज हो गया है। आज के दौर के लोग तेजी से शिक्षा व सूचना देने व लेने लगे है। ऐसे में प्रदेश के उच्चशिक्षा के संस्थानों में ई-एजुकेशन की जरूरत है।

डा0 हृदयेश ने कहा कि गेटवे आॅफ कुमाऊ को ई-गेटवे आॅफ कुमाऊ बनाया जायेगा। हल्द्वानी डिक्लियेरेशन को मूर्त रूप देने के लिए मुक्त विश्विद्यालय मे आईटी एकेडमी स्थापित की जायेगी। उन्होने कहा कि सरकार इस एकेडमी को भविष्य में नवीनतम तकनीकी से सुसजित आईटी एकेडमी भवन तैयार करेगी, ताकि अध्ययनरत छात्र-छात्राये ई-एजुकेशन के जरिये शिक्षा हासिल कर सके। उन्होने कहा कि डिजिटल दौर मे हमारे बच्चे पीछे ना रह जांए इसके लिए हम सभी को संयुक्त प्रयास करने होगें।

अपने सम्बोधन मे शिक्षाविद् डा0 पुष्पेश पंत ने कहा कि हल्द्वानी सदियों से व्यापारिक मण्डी रही है। आज के बदलते दौर में हल्द्वानी को ई-ज्ञान मण्डी के रूप मे विकसित करना होगा। उन्होने इस बात पर चिन्ता व्यक्त की कि उत्तराखण्ड मे कनैक्टिविटी तथा नैटवर्क की समस्या का समाधान करना होगा ताकि ई-एजुकेशन प्रभावित ना हो।

अपने सम्बोधन मे उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 डा0 नागेश्वर राव ने कहा कि आज का दौर ज्ञान को बांधकर रखने का नही है। इसलिए पुस्तकालयो मे रखी किताबें अब खुले मे आ गयी है। ज्ञान और जानकारी लोगो के हाथ में मोबाइल में सुरक्षित है। कही भी कोई भी किसी को ई-सिस्टम के जरिये पढा सकता है। उन्होने कहा कि उत्तराखण्ड ई-एजुकेशन के लिए मुक्त विश्वविद्यालय पूर्ण सहयोग करेगा। अपने सम्बोधन में गोविन्द बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा0 बीएस बिष्ट ने कहा कि विज्ञान के भाप के इंजन के दौर से गुजरते हुये हम कम्प्यूटर,फलौपी, पैनडाइप,सीडी के दौर को पार करते हुये इन्टरनैट,वाट्सएप,फेशबुक की दुनिया में ज्ञान के ब्राहमांड में विचरण कर रहे है। निश्चय ही यह दौर हमारे व्यक्तित्व निर्माण और उच्चकोटी की शिक्षा हासिल करने का है।

कार्यक्रम में निदेशक उच्चशिक्षा डा0 बीसी मेलकानी, रजिस्टार मुक्त विश्वविद्यालय प्रो0 आरसी मिज्ञा अध्यक्ष मण्डी सुमित हृदयेश, अध्यक्ष देवेन्द्र नेगी,पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष संजय रावत, जेके जोशी, आशुतोष त्रिपाठी,रश्मि पंत, सचिता साह मेहता, एपीसिह, सीडी बिष्ट, एलपी वर्मा के अलावा संख्या में प्रदेशभर के महाविद्यालयो के प्रवक्ता आदि मौजद थे।