बांग्लादेश में बड़े हमले की कोशिश नाकाम, नौ आतंकवादी मारे गए

ढाका।… बांग्लादेश में आतंकवादियों के ठिकानों पर मंगलवार को तड़के छापेमारी कर नौ इस्लामवादी आतंकवादियों को मार गिराकर पुलिस ने बड़े हमले की एक और कोशिश को नाकाम कर दिया।

विशेष पुलिस इकाइयों ने कल्याणपुरी इलाके की जहाज इमारत में 5.51 बजे (स्थानीय समयानुसार) पर छापेमारी शुरू की जो एक घंटे तक चली। लगभग 20 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के आतंकवादियों ने ऑपरेशन के दौरान पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। इन आतंकवादियों के जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के सदस्य होने का संदेह है।

राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख ए के एम शहीदुल हक ने संवाददाताओं को बताया, ‘पुलिस के खुफिया सूत्रों से हमें मालूम चला कि वे लोग एक बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। इस तरह की किसी भी घटना को नाकाम करने के लिए हम लोगों ने अभियान चलाया।’

पुलिस ने बताया कि ढाका के एक कैफे पर देश का सबसे घातक हमला करने वाले समूह ने जो कपड़े पहने थे और जैसे बैगपैक लिए थे, इन लोगों ने भी वैसे ही कपड़े पहने थे और इनके बैकपैक भी उसी तरह के थे।

काले कपड़े पहने इस्लामी बंदूकधारियों ने रातभर रह-रह कर गालीबारी की और ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगाए। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से दो अन्य संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया जिनमें से एक गोली लगने से घायल हो गया है।

इस अभियान के दौरान घायल हुआ आतंकवादी रकीबुल हसन उर्फ रिगन पिछले एक वर्ष से लापता था। खबरों के मुताबिक अधिकारी ने उसके इस्लामिक स्टेट का सदस्य होने का दावा किया है। पुलिस ने उनके पास से 13 हस्तनिर्मित ग्रेनेड, एक तलवार, एक पिस्तौल, सात मैग्जीन और गोलियां बरामद की।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि जिन आतंकवादियों को मार गिराया गया है, वे आतंकवादी हमलों की साजिश रच रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने ढाका में एक ठिकाने का भंडाफोड़ करके एक भयावह स्थिति को टाल दिया है।

हसीना ने कानून प्रवर्तकों की यह कहते हुए सराहना की, ‘पुलिस ने सफलतापूर्वक अभियान को पूरा किया। यह स्पष्ट है कि वे आतंकवादी हमले करने की पूरी तैयारी में थे।’ बांग्लादेश में हाल में इस्लामी आतंकवादियों ने कई घातक हमले किए हैं।

संदिग्ध आईएसआईएस आतंकवादियों ने बांग्लादेश में सबसे घातक हमला करते हुए ढाका स्थित राजनयिक क्षेत्र के एक कैफे में हमला किया जिसमें 22 लोग मारे गए थे। मारे गए लोगों में एक भारतीय लड़की समेत अधिकतर विदेशी थे। इसके बाद कमांडो ने जवाबी कार्रवाई में छह हमलावरों को मार गिराया और एक को जिंदा गिरफ्तार कर लिया।

उस हमले में करीब 30 लोग घायल हो गए थे। इस्लामिक स्टेट ने इस हमले के चार घंटे बाद अपनी अमाक संवाद समिति के माध्यम से इस हमले की जिम्मेदारी ली थी लेकिन सरकार का कहना है कि इस हमले के पीछे जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी) का हाथ है।

कैफे पर हमले के कुछ दिनों बाद ही बंदूकधारियों ने देश के सबसे बड़े ईदगाह पर हमला कर दिया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।