हरिद्वार से दिल्ली की दूरी 40 किमी बढ़ी, किराया भी 48 रुपये अधिक वसूला जा रहा है| पढ़ें क्यों…

फाइल फोटो

कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन ने हाईवे को पूरी तरह खाली रखने का दावा किया था, लेकिन कांवड़ियों की भीड़ के चलते कहने को तो हाईवे चल रहा है, लेकिन बसों और अन्य भारी वाहनों के कारण रूट बदलना पड़ा है।

नया यातायात प्लान लागू होने के कारण अब हरिद्वार से दिल्ली और भी दूर हो गई है। हरिद्वार से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को कुल 428 किलोमीटर के बजाय 40 किलोमीटर ज्यादा 468 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। यही नहीं यात्रियों को 48 रुपये अधिक किराया भी देना पड़ रहा है। अन्य शहरों के लिए भी हालात ऐसे ही हैं।

रूट डायवर्ट होने से अब दिल्ली जाने वाले यात्रियों को मंडावर, चंदक, बिजनौर, मीरापुर, मवाना, मेरठ, हापुड़ व गाजियाबाद होते हुए दिल्ली आना-जाना करना पड़ रहा है। इसके चलते हर यात्री को अब 468 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। इससे 40 किलोमीटर का अधिक रास्ता हो गया है। ऐसे में यात्रियों को अब 270 रुपये किराए देना पड़ रहा है। यही स्थिति अन्य शहरों की भी है।

हरिद्वार से करीब 700 बसों की आवाजाही प्रतिदिन होती है। इनमें हरिद्वार डिपो की 71 बसें हैं। अधिकारियों की मानें तो करीब एक हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन दिल्ली आना-जाना करते हैं। कांवड़ के चलते रूट डायवर्ट करने से करीब 48 किलोमीटर का रूट बढ़ गया है। मेले से पहले दिल्ली जाने वाली बसें रुड़की, मुजफ्फनगर, मेरठ व गाजियाबाद होते हुए दिल्ली आना-जाना करती थीं। ऐसे में यात्रियों को आने जाने में 420 किलोमीटर का सफर तय कर 222 रुपये देने पड़ते थे।

शहर बढ़ी दूरी बढ़ा किराया
दिल्ली 40 48
मेरठ 30 35
मुजफ्फरनगर 20 22
पानीपत 60 65
सहारनपुर 15 18
पुष्कर 60 63

सहायक महाप्रबंधक परिवहन निगम, एसएस चौहान कहते हैं, मुख्यालय के अनुसार ही आदेशों का पालन किया जा रहा है। कांवड़ मेले के चलते रूट डायवर्ट किया गया है। दिल्ली आने-जाने वाली बसें बिजनौर व हापुड़ होते हुए दिल्ली आ जा रही हैं। यात्रियों को 40 किलोमीटर का अधिक सफर करना पड़ रहा है। 48 रुपये अधिक किराया देना पड़ रहा है। ऐसी ही स्थिति अन्य शहरों की भी है।