रावत सरकार सितंबर-अक्टूबर में गैरसैंण में आयोजित करेगी विधानसभा सत्र

मौजूदा सरकार का अंतिम विधानसभा सत्र गैरसैंण में होगा। इसके लिए सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर के पहले सप्ताह में सही तिथियों का हिसाब लगाया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल का कहना है कि सरकार से गैरसैंण में सत्र को लेकर बात हुई है। सरकार सही तिथियों को देखकर सत्र घोषित करेगी। गैरसैंण सत्र में कुछ बिल भी सरकार लाएगी।

हरीश रावत सरकार की मंशा है कि सरकार का अंतिम विधानसभा सत्र गैरसैंण में आयोजित किया जाए। इसको लेकर स्पीकर गोविंद सिह कुंजवाल भी मुख्यमंत्री से बात कर चुके हैं। माना जा रहा है कि सरकार अक्टूबर के पहले हफ्ते में दो दिन का सत्र गैरसैंण में बुला सकती है, हालांकि इसको लेकर अभी तिथियां तय नहीं हुई हैं। लेकिन सत्र बुलाकर सरकार गैरसैंण के विकास और पर्वतीय विकास का एजेंडे को पुख्ता जरूर करना चाहती है।

विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिहं कुंजवाल का कहना है कि इस सरकार का अंतिम सत्र गैरसैंण में बन रहे विधानसभा भवन में कराने की कोशिश की जा रही है। क्योंकि गैरसैंण में विधानसभा भवन लगभग तैयार हो चुका है, जो अंतिम चरण में है और सदन और विधानमंडप भी बनकर लगभग तैयार हो चुका है, यानी अगर गैरसैंण में विधानसभा का सत्र आयोजित किया जाता है, तो अलग से किसी टैंट की लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

गैरसैंण में विधानसभा सत्र के लिए सरकार के पास सरकारी कामकाज भी काफी है। एक तो अनुपूरक बजट की संभावनाएं भी बन रही हैं, क्योंकि मार्च के बाद इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने कई नई घोषणाएं की हैं। साथ ही विभागों ने भी कई नई योजनाएं तैयार की हैं। 21 जुलाई को सदन में लाया गया विनियोग विधेयक 18 मार्च में लाए गए विनियोग विधेयक का ही प्रतिरूप था, इसलिए औपचारिक रूप से नई योजनाओं के लिए सप्लीमेंटरी बजट लाना सरकार की मजबूरी है। साथ ही 2 बिल भी सरकार को पास कराने और और अक्टूबर तक कुछ नए बिल भी सरकार सदन में लाने की तैयारी कर सकती है।

अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत गैरसैंण में चुनावी लाभ-हानि के नजरिए से कौन कौन सी सौगात लेकर विधानसभा सत्र कराने की घोषणा करेंगे और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास का सरकार क्या नया एजेंडा भी तैयार करती है।