काबुल में अगवा की गई भारतीय महिला जूडिथ डिसूजा मुक्त करायी गई : सुषमा

पिछले महीने काबुल में संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा अगवा कर ली गईं भारतीय सहायताकर्मी जूडिथ डिसूजा को मुक्त करा लिया गया है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार सुबह यह जानकारी दी।

आगा खान फाउंडेशन में एक वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करने वाली 40 वर्षीय जुडिथ डीसूजा को काबुल से उनके कार्यालय से बाहर नौ जुलाई को अगवा कर लिया गया था।

स्वराज ने ट्वीट किया, ‘मैं आपको यह सूचित करते हुए खुश हूं कि जुडिथ डिसूजा को रिहा करा लिया गया है।’ उन्होंने जुडिथ की रिहाई सुनिश्चित करने में अफगान अधिकारियों की ‘मदद और समर्थन’ के लिए भी धन्यवाद दिया है।

विदेश मंत्रालय कोलकाता निवासी जुडिथ की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए अफगान अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में था। सुषमा स्वराज ने कहा, ‘जूडिथ डिसूजा हमारे सुरक्षित एवं भलीचंगी हैं। वह यथाशीघ्र अपनी मातृभूमि लौट आएंगी। वंदे मातरम।’ उन्होंने कहा कि उन्होंने डिसूजा से बातचीत की है।

फिलहाल यह ज्ञात नहीं है कि डिसूजा के अपहरणकर्ता कौन थे और उन्हें कैसे रिहा कराया गया। उन्हें दो अन्य लोगों के साथ अगवा किया गया था। सुषमा स्वराज ने जुडिथ की रिहाई सुनिश्चित करने में अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत मनप्रीत वोहरा के प्रयासों की भी तारीफ की।

कोलकाता में उनके परिवार ने उनकी रिहाई करवाने के लिए सरकार का उसकी कोशिश के लिए धन्यवाद दिया।

जूडिथ की बहन एगनीस ने कहा, ‘हम अपनी बहन को मुक्त कराये जाने को लेकर भारत सरकार का शुक्रगुजार हैं। हम उनके भारत वापस आने का बाट जोह रहे हैं। हम मीडिया से हमारी निजता का सम्मान करने का अनुरोध करेंगे।’

जुडिथ के परिवार ने पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उनकी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप का आग्रह किया था। पत्र में परिवारवालों ने कहा था कि बहादुर, चिंतनशील, दयालु और कृपालु जूडिथ अफगास्तिान में अफगान लोगों के कल्याण के लिए भारत के लोगों की ओर से सद्भावना दूत के रूप काम कर रही थीं।

ताशकंद में पिछले महीने शंघाई सहयोग संगठन के वार्षिक सम्मेलन के मौके पर अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ भेंट के दौरान मोदी ने उनसे जूडिथ की रिहाई में हस्तक्षेप का अनुरोध किया था।