भारत-नेपाल आपसी रिश्तों की तरह ही ‘मैत्री बस’ भी बुरे दौर में, टनकपुर में नेपाल की दो बसें सीज

भारत नेपाल के बीच चलने वाली नेपाल की मैत्री बस सेवा को सीज करने के दो दिन बाद स्थानीय प्रशासन ने पुलिस आरटीओ विभाग के साथ एक बैठक की। नेपाल बस समिति के लोगों ने टनकपुर में आकर एसडीएम नरेश दुर्गापाल और सीओ रौतेला से मुलाक़त की।

प्रशासन से दोनों बसों पर कार्रवाई करने के बाद छोड़ने की गुहार लगाई है। जब टनकपुर एसडीएम का कहना है कि बसों को बुकिंग में चलाने को लेकर सरकार द्वारा इजाजत दी गई थी, लेकिन बस संचालकों द्वारा अवैध रूप से यात्रियों को प्रति दिन नेपाल-टू-दिल्ली यात्री टिकट काट कर ले जाया जा रहा था। इससे उत्तराखंड परिवहन निगम को भी नुकसान हो रहा था।

फिलहाल प्रशासन केंद्र से मिलने वाले निर्देश का इतंजार कर रहा है। जो भी निर्देश मिलने उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वही अधिकारियों का कहना है कि भारत-नेपाल मैत्री बस संचालन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से नियमों का पालन करते हुए बस के संचालन की अनुमति तो ले ली गई थी। लेकिन उत्तराखंड सरकार और परिवहन सचिवालय से इस की अनुमति नहीं ली गई थी।

सरकार द्वारा अनुमति मिलने के बाद बसों का संचालन सुचारू रूप से चालू किया जा सकेगा। हालाकि अब देखना यह होगा कि भारत-नेपाल के रिश्तों को देखते हुए, जहां मैत्री बस सेवा का दोनों देशों ने मिलकर आपसी सहमती से चलाई थी। वही जल्द भारत और नेपाल की यह साझा योजना का लाभ नेपाल के यात्रियों को दोबारा से कब मिलता है।