चुनावी साल में CM हरीश रावत ने वोटरों को लुभाने के लिए खोला सरकारी खजाना

मुख्यमंत्री हरीश रावत के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुके बजट को विधानसभा में पास करवाने में कामयाब रहने के बाद अब लगता है कि राज्य सरकार पूरी तरह चुनावी मूड में आ गई है। कम से कम सत्र समाप्त होने के तुरंत बाद हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों से तो यही लगता है।

इस कैबिनेट के जरिए सरकार ने अपने चुनावी पिटारे को पूरी तरह खोल दिया है। कैबिनेट में राज्य के अलग-अलग समुदायों तथा वर्गों के लोगों को लुभाने के लिए कई सारे फैसले लिए हैं।

इन फैसलों में सबसे लुभावना फैसला अलग-अलग वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दिए जाने का फैसला है। राज्य सरकार ने राज्य आंदोलन के अगुआ रहे और उत्तराखंड के गांधी कहे जाने वाले इंद्रमणि बडोनी से लेकर शहीद उधम सिंह तथा 1867 की क्रांति के सिपाही राजा विजय बहादुर सिंह से लेकर समाज सेवी ज्योतिबा फुले तक के नाम पर छात्रवृत्ति देने का फैसला लिया है।

इन छात्रवृत्तियों के दायरे में बीपीएल परिवारों के साथ ही दलित, मुस्लिम तथा अन्य पिछड़े वर्ग के होनहार विद्यार्थी आएंगे। इन सभी छात्रवृत्तियों के लिए सरकार ने 50 लाख से 2 करोड़ रुपये तक का शुरुआती कोष बनाने का भी निर्णय लिया है।

कैबिनेट की बैठक में गन्ना किसानों को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है। सरकार ने गन्ना मूल्य के बकाया रह गए 200 करोड़ रुपये का भुगतान करने का फैसला लिया है। इसके तहत 100 करोड़ रुपये राज्य सरकार देगी, जबकि बाकी के 100 करोड़ रुपये कर्ज तथा अन्य माध्यम से दिए जाएंगे। इस फैसले को भी चुनावी साल के नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है।

इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के परिजनों को ‘स्वाधीनता संग्राम कुटुंब परियोजना’ के तहत 4000 रुपये प्रतिमाह देने का भी फैसला किया गया है। शिल्पी एवं बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए भी राज्य कैबिनेट में अहम निर्णय लिया गया। इसके तहत शिल्पी बुनकर विकास निधि का गठन किए जाने का फैसला किया गया है। इस निधि से दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की अधिकतम सीमा 50000 रुपये होगी।

इसके साथ ही भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों के संबंधित कर्मियों को सहायता देने के लिए दयानंद भारती योजना बनाए जाने का निर्णय भी कैबिनेट में लिया गया। कैबिनेट की बैठक में 11वीं तथा 12वीं कक्षा में पढ रहीं राज्यभर की छात्राओं के लिए सैनेटरी नेपकिन बांटे जाने के पहले लिए जा चुके फैसले के क्रियान्वयन को लेकर भी निर्णय लिया गया। इस फसले को तीन चरणों में अमली जामा पहनाया जाएगा।

एक नजर में कैबिनेट के फैसले

  • 200 करोड़ रुपये के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा
  • शिल्पी बुनकर विकास निधि का गठन – सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के माध्यम से रोजगार पैदा करने के लिए
  • इंद्रमणि बडोनी प्रोत्साहन योजना – बीपीएल परिवारों के छात्रों को व्यवसाय के लिए
  • मुख्यमंत्री विशेष मुस्लिम छात्र-वृत्ति योजना- मुस्लिम छात्राओं की उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए एक करोड़ का कॉर्पस फंड
  • राजा विजय बहादुर सिंह अति प्रतिभावान किसान छात्र-वृत्ति योजना- 2 करोड़ रुपये का कोष स्वीकृत
  • घुमंतू, अर्ध घुमंतू समुदाय के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा के लिए प्रोत्साहन योजना – एक करोड़ रुपये का कोष गठित
  • अहिल्या बाई होल्कर छात्र-वृत्ति योजना – अन्य पिछड़ा वर्ग की बालिकाओं के लिए एक करोड़ का कोष स्वीकृत
  • अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए प्रोत्साहन योजना – दो करोड़ रुपये कोष का गठन
  • राज्य में निवास कर रहे कम्बोज समुदाय के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए के लिए शहीद उधम सिंह छात्रवृत्ति योजना – 50 लाख रुपये की धनराशि के कोष का गठन।
  • अन्य पिछड़ा वर्ग के अति प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु सहायता कोष का गठन
  • सुरेन्द्र राकेश स्मृति छात्र-वृत्ति योजना- उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में प्रथम 10 स्थान प्राप्त करने वाले अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रोत्साहन हेतु एक-एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय
  • शिल्पी बुनकर विकास निगम का गठन – शिल्पी और बुनकरों को वित्तीय सहायता देने का फैसला (अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये)
  • दयानन्द भारती कौशल योजना – भवन व अन्य निर्माण कर्मियों के कौशल विकास हेतु प्रोत्साहन योजना
  • उत्तराखंड स्वतंत्रता सेनानी कुटुम्ब पेंशन योजना – स्वतंत्रता सेनानियों के पुत्र एवं पुत्रियों को कुल 4 हजार रुपये प्रति माह पेंशन। यह राशि स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र एवं पुत्रियों में बराबर बांटी जाएगी
  • नेपकिन योजना – 11वी एवं 12वी कक्षा की छात्राओं को तीन चरणों में नेपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। (पहले चरण में 25 प्रतिशत, दूसरे चरण में 35 प्रतिशत, तीसरे चरण में 40 प्रतिशत)