हरीश रावत सरकार ने बिना चर्चा के ही पास करवा लिया 40 हजार करोड़ का जंबो बजट

बिना किसी चर्चा के विधेयकों को पास करने वाली विधानसभाओं को भी अगर कभी क्रिकेट टीमों की तरह रेटिंग दी जाएगी तो बहुत संभव है कि उत्तराखंड अव्वल नंबर पर आएगा। राज्य बनने से लेकर अब तक शायद ही कोई ऐसा सत्र होगा, जब सभी विधेयकों पर सदन के अंदर समग्र चर्चा हुई होगी।

गुरुवार को भी राज्य की विधानसभा में यही बुरी परिपाटी दोहराई गई। बिना किसी चर्चा के सरकार ने एक-एक करके तीन विधेयक पास करवा दिए। इन तीन विधेयकों में वह विनियोग विधेयक भी शामिल था, जिसको लेकर राज्य सरकार इतने दिनों से बवाल मचाए हुई थी।

केंद्र सरकार से लेकर राज्य के विपक्षी दल तक को इस विधेयक की राह में अड़चन पैदा करने वाला बताते हुए सरकार महीने भर से बयानबाजी कर रही थी। मगर जब विधेयक सदन में लाया गया, तो उससे पहले सरकार ने ऐसा उपक्रम किया कि उस पर चर्चा की नौबत ही नहीं आई। जिस वक्त सरकार ने विनियोग विधेयक को पटल पर रखा, उस वक्त पूरा विपक्ष सदन से नदारद था।

दरअसल स्पीकर की कुर्सी पर नवप्रभात को बिठाए जाने से नाराज विपक्ष सदन का बहिष्कार कर चुका था। सरकार ने इस मौके को अपने मुफीद मानते हुए दो और विधेयक बिना चर्चा के पास करवा दिए। तीन विधेयकों को पास करने के साथ ही सरकार ने पहले दिन सात और विधेयक सदन के पटल पर रखे। जानकारों की मानें तो स्पीकर के प्रति अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अपने रुख पर अड़ी बीजेपी दूसरे दिन भी सदन का वॉकआउट कर सकती है। ऐसे में इन सात विधेयकों का भी बिना चर्चा के पास होना तय लग रहा है।

इन सभी विधेयकों को यदि चर्चा के बाद पास किया जाता, तो सरकार को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करने का श्रेय जरूर मिलता। लेकिन उसके इस रवैये ने विरोधियों को एक बड़ा मौका दे दिया है। सरकार के इस रवैये से नाराज बीजेपी सरकार पर तानाशाह होने का आरोप लगा चुकी है।

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बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस सरकार कभी भी नहीं चाहती कि किसी विधेयक पर चर्चा हो। यहां पर गौर करने वाली बात यह भी है कि सत्र से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विपक्ष को साथ लेकर चलने की बात कही थी। मगर जिस तरह पहले दिन बिना विपक्ष के सदन में कामकाज हुआ उससे उनके दावे की असलियत सामने आ गई है।

बिना चर्चा के ही पहले दिन पास हुए विधेयक

  • उत्तराखंड विनियोग विधेयक, 2016
  • उत्तराखंड आवासीय विश्वविद्यालय विधेयक, 2016
  • उत्तराखंड की नगर निकायों में अवस्थित मलिन बस्तियों के सुधार, विनयमितिकरण, पुनर्वास, पुनव्यस्थापन एवं अतिक्रमण निषेध विधेयक, 2016

पहले दिन सदन के पटल पर इन विधेयकों को रखा गया

  • हिमालयन गढवाल विश्वविद्यालय विधेयक, 2016
  • रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय विधेयक, 2016
  • उत्तराखंड बेनामी लेन-देन (प्रतिषेध) विधेयक, 2016
  • उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959) (शंसोधन) विधेयक, 2016
  • उत्तराखंड मूल्य वर्धित कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2016
  • उत्तराखंड आमोद और पणकर (संशोधन) विधेयक, 2016
  • उत्तराखंड पर्वतीय क्षेत्रों के लिए जोत चकबंदी विधेयक, 2016