‘गाड-गदेरों की सिर्फ बात करते हैं ‘हरदा’, मुख्यमंत्री भी देहरादून का मोह नहीं छोड़ पा रहे’

उत्तराखंड आंदोलन के दौरान जनजागरण का अहम कार्य करने वाली पार्टी उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत चाल-चौपाल और गाड़-गदेरों की बात करके खुद को पहाड़ी साबित करना चाहते हैं। जबकि वो पहाड़ियों के हितैषी नहीं हैं।

यूकेडी नेता और राज्य आंदोलनकारी वेद उनियाल ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि कांग्रेस को विशेष सत्र में गैरसैण को ही स्थायी राजधानी घोषित कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनमत संग्रह से सरकार यह तय करे कि राजधानी कहां बननी चाहिए। कई समितियां और आयोग भी गैरसैण को राजधानी बनाने को जायज ठहरा चुके हैं।

लेकिन कुछ आराम पसंद विधायक और मंत्री जो पहाड़ में सिर्फ हेलीकाप्टर से घूमना चाहते हैं। वो गैरसैण का विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत रायपुर में विधानसभा बनाना चाहते हैं। जिसका मतलब है कि वो भी देहरादून का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं।

कांग्रेस और बीजेपी सभी विधायकों और मंत्रियों के परिवार चुनाव जीतने के बाद पहाड़ छोड़कर देहरादून में बस चुके हैं। जब विधायक और मंत्रियों के परिवार ही पहाड़ में नहीं रहेंगे तो पलायन कभी नहीं रोका जा सकता है।