प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर में एम्स की आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की आधारशिला रखी । इसके निर्माण पर 1,011 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत आएगी । गोरखपुर में एम्स की स्थापना से उत्तर प्रदेश में इलाज की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी और बड़ी संख्या में डॉक्टर तैयार किए जा सकेंगे ।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘यह पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बहुत अहम दिन है । हम एक एम्स देने के लिए प्रधानमंत्री के शुक्रगुजार हैं । उन्होंने कहा था कि हम इस क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदल देंगे । प्रधानमंत्री ने इस परियोजना में खास दिलचस्पी ली और यह मानवता की सेवा की दिशा में एक बड़ा कदम है ।’ अगले साल की शुरूआत में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर भाजपा की नजर के मद्देनजर नड्डा ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया है ।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गोरखपुर में एम्स बन जाने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के 14 जिलों और बिहार के पड़ोसी जिलों के लोगों को सीधा फायदा होगा ।

उन्होंने कहा कि इसका मकसद स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में अब तक रहे क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करना है ।

नड्डा ने कहा कि 112 एकड़ के कुल क्षेत्र में फैले यहां के एम्स का निर्माण कार्य अगले 45 महीनों में पूरा हो जाएगा ।

उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में 300 अत्याधुनिक बिस्तरों के अलावा 750 अन्य बिस्तर होंगे ।

उन्होंने कहा कि हर मेडिकल बैच में छात्र-छात्राओं की संख्या 100 होगी जबकि हर नर्सिंग बैच में इनकी संख्या 60 होगी ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हाल में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत इस एम्स की स्थापना को मंजूरी दी गई थी ।

इस योजना के तहत भुवनेश्वर, भोपाल, रायपुर, जोधपुर, रिषीकेश और पटना में एम्स की स्थापना की गई है जबकि रायबरेली में एम्स का निर्माण कार्य प्रगति पर है ।

पिछले साल नागपुर (महाराष्ट्र), कल्याणी (पश्चिम बंगाल) और मंगलागिरि (आंध्र प्रदेश) में तीन नए एम्स की स्थापना को मंजूरी दी गई थी ।