पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कश्मीर के कानून और व्यवस्था पर बैठक की

इस्लामाबाद।… क्षेत्रीय सुरक्षा पर यहां बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने शुक्रवार को जम्मू एवं कश्मीर में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से दैनिक समाचार पत्र डॉन की वेबसाइट ने कहा कि बैठक में शरीफ और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख राहील शरीफ को कश्मीर और अफगानिस्तान की स्थिति से अवगत कराया गया।

प्रधानमंत्री निवास से जारी एक बयान के अनुसार बैठक में क्षेत्र में हिंसा का विरोध कर रहे निर्दोष कश्मीरियों के भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा दमन की निंदा की गई।

शरीफ ने कहा, ‘बल का क्रूर इस्तेमाल कश्मीर के लोगों के मूल अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन है जिसकी अनुमति कोई भी सभ्य समाज नहीं देगा।’

बयान के अनुसार शरीफ ने पाकिस्तानी पक्ष बरकरार रखते हुए कहा कि कश्मीर की स्थिति को आंतरिक मामला बताने की भारतीय कोशिश तथ्यात्मक रूप से गलत, कानूनी रूप से असमर्थनीय, अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है।

शरीफ ने कहा कि कश्मीर मुद्दे का एक मात्र हल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के जल्द क्रियान्वयन, अर्थात संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में एक सही और निष्पक्ष जनमत संग्रह है।

बयान में कहा गया, ‘पाकिस्तान कश्मीरियों को उनके आत्म निर्णय के मूल अधिकार की प्राप्ति के लिए नैतिक, कूटनीतिक और राजनीतिक समर्थन जारी रखेगा।’

बैठक में कश्मीर में निर्दोष लोगों के कत्लेआम की जांच और लोगों को तितर बितर करने हेतु ‘पैलेट गन’ के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए एक तथ्य खोजने के मिशन भेजने हेत संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का दरवाजा खटखटाने का संकल्प लिया गया।

बैठक में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन की निंदा करने का आह्वान किया गया।

भारत ने उसके आंतरिक मामलों में दखल के लिए पाकिस्तान की निंदा की थी और उससे पाक अधिकृत कश्मीर से अवैध कब्जे छोड़ने को कहा था जिसके एक दिन बाद पाकिस्तान में यह बैठक हुई।

पाकिस्तान ने 19 जुलाई को ‘कश्मीर विलय के लिए पाकिस्तान दिवस’ और सुरक्षा बलों द्वारा हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने पर 20 जुलाई को ‘काला दिवस’ मनाया।

भारत ने भी गुरुरवार को एक बयान जारी कर आतंवादियों और उनकी आतंकी गतिविधियों को पाकिस्तान से मिल रहे प्रोत्साहन और समर्थन की कड़े शब्दों में निंदा की।