बेरोजगार युवाओं के लिए बुरी खबर, हरीश रावत सरकार ने बंद किया बेरोजगारी भत्ता

पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के घोषणा पत्र में युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा किया गया था। कांग्रेस के सत्ता में आते ही यह भत्ता दिया भी जाने लगा, लेकिन कांग्रेस सरकार ने ही इस भत्ते को अब बंद करने का निर्णय ले लिया है।

इसके जगह अब सरकार बेरोजगारों को सुलभ रोजगार उपलब्ध कराने में आर्थिक सहयोग करेगी, जिसके लिए स्टार्ट अप फंड स्थापित किया जाएगा। यह फैसला राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हुआ है। इसके अलावा कैबिनेट ने मलिन बस्तियों को माडर्न हाउसेज में तब्दील करने के लिए एक कमेटी गठित करने का फैसला लिया है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार 400 करोड का कॉर्पस फंड स्थापित करेगी।

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक विधानसभा भवन में मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को लेकर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि बेरोजगारी भत्ता दिए जाने से बेहतर होगा कि युवाओं को सुलभ रोजगार उपलब्ध कराने में सरकार सहायता प्रदान करने।

इसे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी स्वरोजगार योजना से जोडने का भी फैसला लिया गया। योजना को आसानी से क्रियान्वित करने के लिए स्टार्ट अप फंड स्थापित किया जाएगा। इस योजना के तहत स्वरोजगार अपनाने वाले युवाओं को सरकार आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाएगी, जिस पर उन्हें 25 फीसदी (अधिकतम 50 हजार रुपये) का अनुदान दिया जाएगा।

हालांकि, इसके लिये युवाओं को सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य रूप से करना होगा। इसके अलावा सरकार ने नगर निकायों में मलिन बस्तियों में सुधार, विनियमितीकरण, पुनर्वास एवं पुनव्र्यवस्थापन के लिए सब कमेटी के गठन का निर्णय लिया है। जिसमें शहरी विकास मंत्री व वन मंत्री के अलावा सचिव वित्त व न्याय इसके सदस्य होंगे, इस सम्बन्ध में सब कमेटी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

शहरी विकास विभाग इसके लिए कंसलटेन्ट की नियुक्ति करेगा। इस सम्बन्ध में किए जाने वाले सुधार कार्यों के लिए 400 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, सरकार पांच वर्ष के भीतर मलिन बस्तियों को मॉडर्न हाउसेज में तब्दील कर देगी। इसके लिए 400 करोड के कॉर्पस फंड की स्थापना की जा रही है। लेकिन आगे कोई मलिन बस्ती न बसे इसके लिए सख्त नियम भी बनाए जाएंगे।