यहां नशे के खिलाफ मिसाल बनी महिलाएं, अपने ही पति और रिश्तेदारों को भी भिजवाया जेल

कहावत है कि बदलाव की बयार अपने ही घर से शुरू होती है। इस कहावत को अस्थायी राजधानी देहरादून के डोईवाला कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत मारखमग्रांट ग्राम सभा में नशा उन्मूलन के लिए गठित मुस्लिम महिलाओं की समिति ने सच कर दिखाया है। उनकी मुहिम अब रंग ला रही है।

समिति से जुड़ी महिलाओं ने इसकी शुरुआत सबसे पहले अपने घर से ही की है। नशा उन्मूलन समिति की अध्यक्ष साजिदा ने नशे के खिलाफ आवाज उठाते हुए सबसे पहले अपने पति मंसूर अली के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसके बाद पुलिस कार्यवाही करते हुए मंसूर को जेल भेज दिया।

उसके बाद साजिदा ने अपने कुछ रिश्तेदारों के खिलाफ भी पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। उसकी इस मुहिम का असर यह हुआ कि जेल से छूटने के बाद उसका पति आज खुद नशा उन्मूलन में साजिदा का साथ दे रहा है।

बुधवार शाम सहायक पुलिस अधिक्षक तृप्ति भट्ट ने कोतवाली में जनप्रतिनिधयों के साथ नशे के खिलाफ एक बैठक का आयोजन किया। जिसमें समिति की अध्यक्ष साजिदा ने जानकारी देते हुए कहा कि नशा समाज के लिए अभिशाप है। जिसके खिलाफ एकजुट होकर प्रयास किए जाने चाहिए।

नशे के खिलाफ आवाज बुंलद करने और महिलाओं को आगे लाने वाले मो. अकरम ने कहा कि नशा बेचने को लेकर वह भी अपने बहनोई ताजद्दीन को जेल भिजवा चुके हैं। जेल से छुटने के बाद ताजद्दीन सुधर गया है। और अब इस धंधे से दूर है।

एएसपी तृप्ति भट्ट ने कहा कि इस मुहिम में पुरुषों के साथ महिलाएं समिति बनाकर बेहतर कार्य कर सकती हैं। पुलिस ऐसे समूहों और समितियों की हर संभव मदद करेगी। बैठक में प्रधान शेर सिंह, सागर मनवाल, नरेंद्र नेगी, मधु थापा, गीता सावन, मंजू चमोली, संजीव सैनी, जाहीरा खातून, हनीफा, मोमिना आदि मौजूद रहे।