उत्तराखंड विधानसभा में विनियोग विधेयक हुआ पास, हरीश रावत ने ली राहत की सांस

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उत्तराखंड विधानसभा में जबरदस्त हंगामे के बाद गुरुवार को 40,422 करोड रुपये का विनियोग विधेयक पारित कर दिया गया। हांलांकि, विनियोग विधेयक रखे जाने और उसे पारित किए जाने के दौरान पीठासीन अध्यक्ष कांग्रेस विधायक नवप्रभात का विरोध करते हुए बीजेपी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।

करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक चले हंगामे के बाद पीठासीन अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही एक बजे और उसके बाद डेढ बजे तक के लिए स्थगित कर दी। जैसे ही सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, नवप्रभात ने विपक्ष से विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सदन में पेश करने को कहा। हालांकि, बीजेपी सदस्यों ने नवप्रभात का विरोध करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।

बीजेपी सदस्यों के सदन से चले जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल अपने आसन पर बैठ गए और संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश ने विनियोग विधेयक पेश किया।

विनियोग विधेयक पेश करते हुए इंदिरा ने कहा कि गत 18 मार्च को राज्य विधानसभा द्वारा पारित विधेयक को 28 मार्च को राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा गया था, जिसे उन्होंने राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेज दिया था।

उन्होंने कहा कि उस पर अभी तक कोई अनुमति प्राप्त नहीं हुई है और इसके संबंध में केंद्र सरकार से भी अनुरोध किया जा चुका है। मंत्री ने कहा कि इसी बीच केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए 13,642.43 करोड रुपये का लेखानुदान दे दिया।

उन्होंने कहा कि साल 2017 में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए इस विनियोग विधेयक को पारित कराना बाध्यता है। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा लेखानुदान के लिए दी गई धनराशि को इस विधेयक की धनराशि में समायोजित कर लिया जायेगा।