43 दिन से अनशन पर बैठे एनटीटी बेरोजगारों ने किया सचिवालय कूच

43 दिन के अनशन के बाद एनटीटी द्विवर्षीय प्रशिक्षित बेरोजगारों ने परेड ग्राउंड धरना स्थल से जूलूस निकालते हुए सचिवालय कूच करने की कोशिश की। हालांकी प्रशासन ने कनक चौक पर ही जूलूस को रोक दिया।

बता दें कि पिछले तैतालिस दिन के अनशन और पांच दिन के आमरण अनशन के बाद एनटीटी बेरोजगारों की प्रदेश सरकार द्वारा अनदेखी किए जाने से बुधवार को धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

एनटीटी बेरोजगार संघ की उपाध्यक्ष अर्चना राणा का कहना है कि सरकार एक ओर नारी सशक्तिकरण की बात करती है। वही दूसरी ओर समाज में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देकर अपनी पीठ थपथपाती नजर आती है। लेकिन जब महिलाओं के हक की बात आती है तब सरकार के मुखिया पर सवालिया निशान पैदा हो जाते है।

उनका कहना है कि सरकार एटीटी बेरोजगारों की बात सुनने को तैयार नहीं है। पिछले पांच दिन से आमरण अनशन पर बैठी चार महिलाओं की स्थिति बिगड़ जाने से दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक महिला अभी भी आमरण अनशन पर ही है।

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा की जब तक सरकार एनटीटी बेरोजगारों को रोजगार देने में सफल नहीं होती तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा और भविष्य में जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

इस अवसर पर नरवदा सेमवाल, नीतू, अंजना, अमिता, आरती, पिंकी, लक्ष्मी, नीता चौहान आदि महिला आंदोलनकारी मौजूद रहे।