डीएम दीपक रावत ने किया गोविन्द बल्लभ पंत चिकित्सालय का औचक निरीक्षण

जिलाधिकारी दीपक रावत ने गोविन्द बल्लभ पंत चिकित्सालय (रामसे) राजकीय चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रामजे चिकित्सालय के 97 स्टाॅफ परिवार भी रामजे चिकित्सालय पेयजल संयोजन से ही पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे चिकित्सालय को अनावश्यक रूप से पेयजल बिल भुगतान करना पड रहा है, इससे नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने चिकित्सा अधीक्षका डा0 मोनिका खर्कवाल को निर्देश दिये कि वे 24 घण्टे में सभी के पेयजल संयोजन कटवाने हेतु जल संस्थान को पत्र भेजें। 24 घण्टे के भीतर कनेक्शन न कटने पर पर पेयजल के बिल का भुगतान उनके वेतन से कटौती कर किया जायेगा।

उन्होनें चिकित्सालय के निरीक्षण के साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, एनएचएम कार्यालय का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होनें एनएचएम के एकाउण्टैंट बीएस कालाकोटी से प्राप्त धनराशि के साथ ही चैक बुक, व पास बुक आदि की जानकारियां भी ली, जिस पर एकाउण्टैंट द्वारा पूर्ण जानकारी न दे पाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए बुधवार के दोपहर 12 बजे तक पूरे एकाउण्ट सीट, अवमुक्त धनराशि के साथ बयौरा तलब किया है। उन्होनें खराब पडे वाहन की नीलामी मौके पर करने के निर्देश दिये।

इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने चिकित्सालय की भूमि, बाउण्ड्री, नर्सिंग काॅलिज आदि का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीएमएस द्वारा जानकारी दी गयी कि रामजे की भूमि पर अतिक्रमण के साथ ही अवैध रूप से निर्माण सामग्री भी रखी जा रही है, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जो भी अवैध रूप से निर्माण सामग्री रखी गयी है, उसे 24 घण्टे के भीतर सम्बन्धित द्वारा हटा दिया जाये। साथ ही उन्होनें उप जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि वें अगर 24 घण्टे के भीतर अवैध सामग्री नहीं हटायेगा तो सम्बन्धित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए सामग्री हटाने की धनराशि भी वसूली जाये।

निरीक्षण के दौरान सीएमओ डा0 एलएम उप्रेती, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी टीके टम्टा, डा0 पवन द्विवेदी, अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान जगदीप चैधरी के अलावा मदन मेहरा, दीवान सिंह, अनूप बमूला आदि उपस्थित थे।