5-20 मीटर प्रति वर्ष की दर से पिघल रहे हैं ग्लेशियर, चिंताजनक नहीं : सरकार

सरकार ने मंगलवार को बताया कि गंगोत्री सहित देश के अधिकतर हिमनद (ग्लेशियर) प्रति वर्ष 5 से 20 मीटर की दर से पिघल रहे हैं।

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वन एवं पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे ने कहा, ‘इसरो, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, देहरादून एवं अन्य संस्थाओं के अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अधिकतर हिमनद प्रति वर्ष 5 से 20 मीटर की दर से पिघल रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि सबसे बड़े हिमनद में शामिल उत्तराखंड स्थित गंगोत्री हिमनद और सतोपंथ हिमनद दोनों सिकुड़ रहे हैं, लेकिन इनकी गति चिंताजनक नहीं है।