उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी, बादल फटने व भूस्खलन की चेतावनी

उत्तराखंड में पहाड़ी जिलों के अधिकतर इलाकों में शनिवार को भारी बारिश हुई, जिसके कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। भूस्खलन के कारण पहाड़ से चट्टानों के गिरने के चलते बद्रीनाथ जाने वाला राजमार्ग बंद शुक्रवार शाम से ही तीर्थयात्रियों के लिए बाधित है।

मौसम विभाग ने विशेषकर आपदा की आशंका वाले पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों सहित राज्य के पहाड़ी इलाकों में अगले 48 घंटों में बहुत भारी बारिश होने की भविष्यवाणी की है।

यहां मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ आने, बादल फटने और भूस्खलन की संभावना जताई जा रही है। इसके मद्देनजर लोगों को चौकस रहने को कहा गया है।

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, ‘हमें अगले 48 घंटे काफी सावधान रहने की जरूरत है जिसमें पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में कुछ घंटों के भीतर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

कुछ घंटों तक होने वाली बहुत भारी बारिश के कारण बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन की घटना हो सकती है। ऐसे में लोगों को सावधान रहना चाहिए।

‘उन्होंने चारधाम यात्रियों को मौसम की चेतावनी का अनुसरण करने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी।’

अस्थायी राजधानी देहरादून स्थित मौसम कार्यालय के निदेशक ने बताया कि 18 जुलाई से मौसम की स्थिति में सुधार होने की संभावना है। ऋषिकेश से मिली एक रिपोर्ट में बताया गया है कि रातभर हुई भारी बारिश के कारण गंगा में जलस्तर बढ़ गया है।