उत्तराखंड की चार प्रमुख क्रिकेट एसोसिएशन में से दो एसोसिएशनों ने एक मंच पर आने की बात मान ली है। लेकिन संबद्धता कमेटी की कोशिश है कि चारों एसोसिएशन एक मंच पर आएं। हालांकि बोर्ड की संबद्धता कमेटी के दोनों सदस्यों ने अधिकारिक तौर पर उत्तराखंड की मान्यता पर सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया है।

बोर्ड के सूत्रों की बात मानी जाए तो अगर चारों में सहमति नहीं बनी तो उत्तराखंड के क्रिकेट के भविष्य को लेकर बीसीसीआई कड़ा फैसला ले सकता है। इस कड़ी में राज्य में क्रिकेट संचालन अपने हाथ में लेने की बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल इसकी संभावना सबसे अधिक नजर आ रही है।

माना जा रहा है कि 16 साल से राज्य में मान्यता को लेकर जारी लड़ाई के पीछे बोर्ड में अपना रसूख रखने वाले दो सदस्य हैं। इन दोनों सदस्यों का राज्य में कार्यरत अलग-अलग दो एसोसिएशनों का वरदहस्त प्राप्त है।

यही वजह है कि हर बार बोर्ड की ओर से राज्य को मान्यता को लेकर की जा रही कोशिशों पर इन दोनों एसोसिएशनों का अहम आड़े आ जाता है। इस बार भी इसकी आशंका अधिक है। बोर्ड से जुड़े सूत्रों का कहना है कि संबद्धता कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद बोर्ड अपने स्तर से एक बार फिर चारों एसोसिएशनों से बात करेगा।

बात नहीं बनने पर बोर्ड कड़ा फैसला लेते हुए राज्य में क्रिकेट का संचालन अपने हाथ में लेने के लिए एडहॉक कमेटी गठित करेगा, जो राज्य में क्रिकेट का संचालन करेगी। अगर ऐसा होता है तो राज्य में कार्यरत चारों क्रिकेट एसोसिएशन का अहम धरा का धरा रह जाएगा।

मान्यता पर बीसीसीआई के पाले में गेंद
उत्तराखंड क्रिकेट को मान्यता देने के लिए बीसीसीआई की पहल के बाद अब गेंद वापस उसी पाले में है। प्रदेश में कार्यरत चारों क्रिकेट एसोसिएशनों ने अपना प्रजेंटेशन बारी-बारी से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से भेजे गए संबद्धता कमेटी के दो सदस्यों के समक्ष रखा।

कमेटी में शामिल नागपुर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश दीक्षित और पूर्व टेस्ट क्रिकेटर व भारतीय कोच रहे अंशुमान गायकवाड़ ने बैठक के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अपनी रिपोर्ट बोर्ड अध्यक्ष को सौंपेंगे। बोर्ड के सूत्रों की मानें तो राज्य को मान्यता मिलना तय है पर किस एसोसिएशन को मान्यता दी जाएगी, वह दोनों सदस्यों की रिपोर्ट और बोर्ड अध्यक्ष के हाथ में है।

गुरुवार को उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के दिव्य नौटियाल से मुलाकात करने के बाद एफिलिएशन कमेटी के दोनों सदस्यों ने सुबह 10 बजे उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मुलाकात की। एसोसिएशन के सचिव चंद्रकांत आर्य ने बताया कि उन्होंने अपनी एसोसिएशन की ओर से किए जा रहे कार्यों का ब्योरा रखा है।

दोनों सदस्यों का रिस्पॉन्स पॉजिटिव रहा है। इसके कुछ देर बाद यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी दोनों सदस्यों के समक्ष पहुंचे। एसोसिएशन की ओर से तीन युवा पदाधिकारियों ने मुलाकात की। इनमें रोहित चौहान, अवनीश वर्मा और संजय गुसाईं शामिल थे। तीनों ने दोनों सदस्यों के सामने अपना पक्ष रखा और राज्य को बीसीसीआई की मान्यता देने की वकालत की।

तीनों का कहना था कि क्रिकेट और खिलाड़ियों के बेहतरी के लिए हम किसी से भी मिलने को तैयार हैं। बाकी फैसला बीसीसीआई को लेना है। सबसे आखिरी में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के पदाधिकारी सचिव पीसी वर्मा के नेतृत्व में आरपी ईश्वरन, अमित कपूर समेत कई लोग दोनों सदस्यों से मिलने पहुंचे।

एसोसिएशन की ओर से आरपी ईश्वरन ने प्रजेंटेशन दिया और एसोसिएशन की ओर से किए गए कार्यों का ब्योरा रखा। चारों एसोसिएशन से मुलाकात के बाद दोनों सदस्य अपनी रिपोर्ट तैयार करके बोर्ड को सौंपेंगे। रिपोर्ट देखने के बाद बोर्ड तय करेगा कि मान्यता किसे देनी है।