पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए अल्पकालिक कम्प्यूटर प्रशिक्षण जरूरी : राज्यपाल

उत्तराखंड के राज्यपाल डा कृष्णकांत पाल ने कौशल विकास के क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं से आज कहा कि वे स्थानीय लोगों के लिये अल्पकालिक कम्प्यूटर प्रशिक्षण को प्राथमिकता दें, ताकि वे प्रदेश में अपार संभावना वाले पर्यटन उद्योग का हिस्सा बन सकें और पहाड़ों से पलायन की समस्या पर भी अंकुश लगे।

यहां राजभवन से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्यपाल ने यह बात ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ के अन्तर्गत देहरादून में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रही संस्था से प्रशिक्षित युवाओं के दल से मुलाकात के दौरान कही।

पाल ने संस्था के प्रमुख रमेश पेटवाल से कहा कि अपरिहार्य कारणों से हाईस्कूल या इंटर से आगे की पढ़ाई नहीं कर पाने वाले उत्तराखंड के सुदूर एवं ग्रामीण इलाकों के युवाओं के लिये बाजार की मांग के अनुरूप विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों से सम्बन्धित अल्पकालिक प्रशिक्षण बहुत लाभकारी सिद्घ हो सकते हैं।

कौशल विकास प्रशिक्षण के अन्तर्गत कम्प्यूटर प्रशिक्षण को प्राथमिकता दिए जाने के कई फायदे गिनाते हुए राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन विकास की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए यहां ‘होम स्टे’ जैसी योजना बहुत लाभकारी साबित हो सकती है, और कम्प्यूटर का ज्ञान और इंटरनेट इसमें बहुत मददगार होंगे।

उन्होंने कहा कि ‘होम स्टे टूरिज्म’ घर बैठे आमदनी का एक बेहतर जरिया बन सकता है और इससे पलायन को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ आतिथ्य तथा योग सम्बन्धी प्रशिक्षण भी लाभकारी क्षेत्र हैं। योग के प्रति लोगों की बढ़ती रूचि को देखते हुए योग के अल्प अवधि के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा सकता है।

राज्यपाल से मिलने आए ये सभी युवा टिहरी, चमोली और देहरादून जिलों के हैं जो 45 दिन के अल्पकालीन प्रशिक्षण के बाद देहरादून शहर के विभिन्न व्यावसायिक संस्थानों में कार्यरत हैं।