पिथौरागढ़ जिले के सीमांत इलाकों में बारिश तांडव मचा रही है। यहां हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर इधर-उधर सफर करना पड़ रहा है। मुनस्यारी तहसील में रालम नदी के पार करने के लिए लोगों को जान की बाजी लगानी पड़ रही है।

ग्रामीण अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर रालम नदी को पार कर रहे हैं। दरअसल रालम नदी पर बना कच्चा पुल पिछले दिनों टूट गया था। जिसके बाद पांतों गांव के लोगों को एक लकड़ी के सहारे ऊफनती नदी को पार करना पड़ रहा है।

जरा सी चूक, पलभर में जिंदगी को मौत में बदल सकती है। प्रशासन का कहना है कि एक-दो दिन के भीतर रालम नदी पर सुरक्षित कच्चे पुल को बना लिया जाएगा। लेकिन यह तय है कि जब तक पुल नहीं बनता हजारों जिंदगियों पर मौत के बादल यूं ही मंडराते रहेंगे।

बारिश के कहर के साथ यहां पर बिजली-पानी की सप्लाई को सुचारू करना भी सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। बारिश से जनहानि तो हुई ही है, जिनकी जान बची है, उनके सामने पीने के पानी और दो जून की रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है।

गौरतलब है कि पिथौरागढ़ के बस्तड़ी गांव का बड़ा हिस्सा भूस्खलन की भेंट चढ़ चुका है। यहां आबादी की जगह अब मलबा पड़ा हुआ है। बारिश अपने साथ बिजली, पानी सबको बहा ले गई। अब यहां केवल पत्थर दिखाई देते हैं। बस्तड़ी के आपदा पीड़ित पीने के पानी को तरस रहे हैं।