हरिदवार से बीजेपी के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने मसूरी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सीएम हरीश रावत ने शक्तिमान पर राजनीति की है। शक्तिमान की प्रतिमा लगाना फिर हटाना उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठती है।

निशंक ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को भूला दिया है। आपदा में गांव के गांव तबाह हो गए, उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों का कहीं कभी जिक्र तक नही किया। क्योंकि मुख्यमंत्री हरीश रावत कभी आंदोलनकारी थे ही नहीं।

सांसद निशंक ने अरुणाचल को लेकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का अपना फैसला है, इसमें किसी की जीत-हार का कोई मतलब नही है। उत्तराखंड सरकार पर हमला करते हुए निशंक ने कहा कि जब सरकार कहती है कि उनको अपना बजट पास करना है, तो इसका मतलब यह है कि 18 मार्च को सरकार का बजट पास नहीं हुआ था। इसका मतलब यह साफ है कि सरकार 18 मार्च को गिर गई थी। इसलिए कांग्रेस और सरकार को किसी पर नैतिकता की टिप्पणी करने का अधिकारी नहीं है।

निशंक ने कहा कि 2017 में राज्य में बीजेपी की सरकार बनेगी। राज्य में किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ना है इस बारे में नेतृत्व को फैसला करना है। निशंक ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में सवाल उठाया है कि हिमालय क्षेत्र के राज्यों के लिए अलग मंत्रालय होना चाहिए। हिमालय क्षेत्र के विकास के लिए मोदी सरकार गंभीर है।