उधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में बिजली विभाग के जेई आशीष काला को विजिलेंस टीम ने दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जेई ट्यूबवेल चलाने के ऐवज में घूस मांग कर रहा था।

ग्राम दानपुर निवासी रमेश चंद्र आर्या का खेत दौलतगंज गदरपुर में है। उसने अपने खेत के लिए बिजली कनेक्शन मंजूर कराया था। इसके बावजूद बीच-बीच में कनेक्शन बंद किया जाने लगा। इसकी शिकायत उसने जेई आशीष काला से की।

आरोप है कि काला ने उससे दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी। रुपये न देने पर बिजली कनेक्शन काटने की धमकी दी। परेशान होकर रमेश ने इसकी शिकायत विजिलेंस के हल्द्वानी दफ्तर में जाकर दर्ज कराई। एसपी विजिलेंस अमित श्रीवास्तव ने जांच कराए जाने पर मामला सही पाया।

उन्होंने टीम का गठन कर गुरुवार को गदरपुर पावर हाउस में जेई आशीष काला को रमेश चंद्र आर्या द्वारा दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंग हाथ पकड़ लिया। टीम ने काला से पहले कमरे में पूछताछ की और अपने साथ हल्द्वानी ले गए।

सतर्कता टीम में निरीक्षक केएस आर्या, अरविंद डंगवाल, इसरार नबी, नगेन्द्र भट्ट, महिला कांस्टेबल साधना आदि थे। इस मौके पर कोतवाल वीके जेठा, तहसीलदार खीम सिंह बिष्ट, दिनेशपुर के थानाध्यक्ष मदन मोहन जोशी, एसएसआई संजीव कुमार के अलावा काफी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद थी।

जेई आशीष काला का पक्ष लेते हुए व्यापार मंडल के पदाधिकारी और नेताओं ने विजिलेंस की टीम से काफी नोंकझोंक की। मौके पर पहुंचे सीओ मिथलेश कुमार ने आसपास के पुलिस थानों की पुलिस फोर्स को तैनात करा दिया और उसकी ऑन स्पाट वीडियोग्राफी कराई।

बिजली विभाग के कर्मचारी भी जेई आशीष काला को बचाने के पक्ष में थे। उन्होंने हंगामा काटते हुए बिजली आपूर्ति चार घंटे के लिए ठप कर दी। विद्युत कर्मचारियों का कहना था कि जेई को जबरन फंसाया जा रहा है।

बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा शिकायतकर्ता पर भी दबाव बनाया गया। सूत्रों का कहना था कि उसे धमकी भी दी गई कि गदरपुर में रहना है तो वह इस घटना से इनकार कर दे। लेकिन शिकायतकर्ता अपनी बात पर अडिग रहा। यहां तक कि उसने साफ कह दिया कि वह किसी भी दबाव या धमकी से डरने वाला नहीं है।