नैनीताल जिले में सभी मेडिकल संस्थानों का पंजीकरण हुआ अनिवार्य

उत्तराखण्ड नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियम)नियमावली 2015 के अनुसार जिलेभर की सभी स्वास्थ सेवाओं सरकारी गैर सरकारी अस्पतालों, पैथौलौजी प्रयोगशालाओं, कलक्शन सेन्टर का पंजीकरण किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि इस प्रकार का पंजीकरण एक्ट के अन्तर्गत किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिलेभर में संचालित सभी चिकित्सालय व अन्य चिकित्सा सुविधा प्रदाप करने वाले प्रतिष्ठान 45 दिन के अंदर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में अपना पंजीकरण करा लें।

जिलाधिकारी श्री रावत ने बताया कि पहले चरण में एक वर्ष के लिये पंजीकरण किया जायेगा उसके उपरान्त मानक पूरे करने पर स्थायी पंजीकरण किया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण के उपरान्त निरीक्षण दलों द्वारा पूर्व सूचना देकर अस्पतालों आदि में निरीक्षण किये जायेंगे। अनियमितता पाये जाने पर स्वास्थ सेवायें देने वाले प्रतिष्ठानों को सीज कर दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि शासन की इस व्यवस्था के अनुसार जहां स्वास्थ संबंधी शुद्ध डाटा जनरेट होगा वहीं फर्जी व झोलाछाप डाक्टरों पर रोक भी लगेगी। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी एलएम उप्रेती को निर्देश दिये कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुये जनपद में संचालित सभी चिकित्सालयों व स्वास्थ सेवायें देने वाले प्रतिष्ठानों का 45 दिन के भीतर पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एलएम उप्रेती, अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल, उपमुख्य चिकित्साधिकारी डा0 बसंत,डा0 प्रमोद मल्होत्रा, डा0केसी जोशी,डा0अभिषेक अग्रवाल,डा0 टीएस रौतेला, डा0जेएस खुराना, उप पुलिस अधीक्षक हरवंश सिंह आदि उपस्थित थे।