महिला शतरंज : भारत की हरिका बनीं फिडे विश्व ग्रांप्री. चैम्पियन

भारतीय ग्रैंड मास्टर हरिका द्रोणावल्ली ने गुरुवार को धैर्यपूर्वक खेलते हुए फिडे महिला शतरंज ग्रांप्री. खिताब जीत लिया। हरिका का यह पहला ग्रांप्री. खिताब है।

चैम्पियनशिप के आखिरी दिन अपनी आखिरी बाजी में हरिका ने सफेद मोहरों से खेलते हुए रूसी प्रतिद्वंद्वी ओल्गा गिरया को अंक बांटने पर मजबूर कर दिया।

हरिका और गिरया के बीच चली यह बाजी बेहद जटिल रही और हरिका ने अंत तक हार नहीं मानी।

राउंड रॉबिन के आधार पर हो रहे टूर्नामेंट में हरिका ने सात अंक हासिल किए और टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहीं दुनिया की शीर्ष 12 खिलाड़ियों में शीर्ष पर रहीं।

भारत की एक अन्य ग्रैंड मास्टर कोनेरू हम्पी ने गुरुवार को अपनी आखिरी बाजी जीत ली और हरिका के बराबर सात अंक हासिल किए। हालांकि हरिका को पूरे टूर्नामेंट के दौरान टाईब्रेक में बेहतर प्रदर्शन के लिए विजेता घोषित किया गया।

हरिका ने खिताब जीतने के बाद कहा, ‘मैं एक समय बाजी जीत रही थी। लेकिन मैं बेहद दबाव में थी और अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं कर पाई। अपना पहला ग्रांप्री. खिताब जीतकर मैं बेहद खुश हूं।’

हरिका की प्रतिद्वंद्वी ओल्गा दिमाग झिंझोड़ देने वाले 69 चालों तक रुकी रहीं, लेकिन अंतत: उन्होंने अंक बांटने को मंजूरी दे दी। हालांकि टूर्नामेंट से मिले अंकों ने उन्हें इसी वर्ष होने वाले विश्व चैम्पियनशिप में जरूर प्रवेश दिला दिया।

हरिका को खिताब प्रदान करने के दौरान जब भारतीय राष्ट्रधुन बजा तो वह भावुक हो गईं। हरिका ने कहा, ‘जैसे ही मैंने राष्ट्रधुन सुनी मैं खुशी की उत्तेजना से सन्न रह गई।’

हरिका ने लगातार दो जीत के साथ ग्रांप्री. की शुरुआत की और शुरू से ही शीर्ष पर कब्जा जमा लिया। इसके बाद हालांकि उनके अगले चार मुकाबले ड्रॉ रहे।

हरिका ने हालांकि सातवें मुकाबले में हमवतन हम्पी को हराकर फिर से शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद आखिरी के चार मुकाबले उन्होंने धैर्यपूर्वक खेलते हुए ड्रॉ कराए और खिताब अपने नाम कर लिया।