काठमांडू।… नेपाल में आंदोलनरत मधेसी मोर्चा के.पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने के लिए नेपाली कांग्रेस और सीपीएन (माओवादी सेंटर) के बीच सत्ता की साझेदारी को लेकर हुए समझौते का समर्थन करेगा। साथ ही पुष्प कमल दहल प्रचंड को देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में समर्थन देगा।

बुधवार को एक शीर्ष मधेसी नेता ने यह बात कही। मंगलवार को सीपीएन (माओवादी सेंटर) के ओली सरकार से समर्थन वापस ले लेने के बाद सरकार अल्पमत में आ गई है और संसद में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेगी।

मोर्चा के नेताओं में से एक उपेंद्र यादव ने कहा, ‘हम सरकार को गिराने के प्रयास का समर्थन करते हैं, लेकिन अगली सरकार का हिस्सा नहीं होंगे।’ नेपाली कांग्रेस और माओवादियों के बीच हुए समझौते के मुताबिक प्रचंड का नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनना तय है।

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नेपाली कांग्रेस और माओवादी गठबंधन का रुख तुलनात्मक रूप से मोर्चा की मांगों मानने के प्रति सकारात्मक है। पिछले साल सितंबर में नया संविधान स्वीकार किए जाने के बाद मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर पांच माह तक आंदोलन चलाया था।

ओली सरकार के साथ 36 दौर की वार्ता के बावजूद मोर्चा द्वारा उठाई गई मांगें लटकी हुई हैं। इन मांगों में सात प्रांतों के सीमांकन में बदलाव और मधेशियों के अनुकूल नया संविधान बनाने की मांग भी शामिल है।