राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश में राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुनी गई 13 आईटीआई की सूची में इस संस्थान को भी जगह मिली है। इसके अलावा राज्य की आईटीआई में सर्वश्रेष्ठ प्रधानाचार्य और अनुदेशक का पुरस्कार भी इसी संस्थान को मिला है।

16 जुलाई को दिल्ली के प्रगति मैदान में होने वाले कौशल दिवस कार्यक्रम में ये पुरस्कार दिए जाएंगे। पुरस्कार के लिए चयनित होने पर संस्थान कर्मियों में उत्साह है।

भारत सरकार के स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल ऑफ ट्रेनिंग ने पूरे देश में कराए गए मूल्यांकन के बाद 13 सर्वश्रेष्ठ आईटीआई का चयन किया है। इनमें उत्तराखंड से केवल काशीपुर आईटीआई (युवक) का चयन हुआ है। काशीपुर आईटीआई जिले की नोडल आईटीआई भी है।

बीते पांच जुलाई को अस्थायी राजधानी देहरादून में हुए जॉब फेयर में संस्थान के विभिन्न व्यवसायों के 83 प्रशिक्षणार्थियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से कई छात्रों का कंपनियों में चयन भी हुआ है। प्रधानाचार्य जसवंत सिंह जलाल ने बताया कि डीजीटी ने अपने मानकों के अनुरूप उनके आईटीआई को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किया है।

सर्वोच्च प्रधानाचार्य का पुरस्कार उन्हें और सर्वोच्च अनुदेशक का पुरस्कार संस्थान के गोपाल दत्त शर्मा को मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रगति मैदान में होने वाले कार्यक्रम में यह पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने कहा डीजीटी ने किन मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया, इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन देशभर से चुनी 13 सर्वश्रेष्ठ आईटीआई में उनके संस्थान को चयनित किया गया है।