विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले खुशखबरी, राज्यपाल ने उत्तराखंड के बजट को दी मंजूरी

उत्तराखंड के बजट को करीब चार महीने बाद राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। उत्तराखंड के बजट को मंजूरी मिलने को अरुणाचल इफेक्ट के रूप में देखा जा सकता है। बजट को मंजूरी मिलना राज्य सरकार के लिए एक बड़ी राहत और उपलब्धि भी माना जा रहा है।

राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार बजट को 21 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के सत्र में पेश करेगी। हरीश रावत सरकार के लिए वास्तव में गुरुवार को राजभवन से राहत भरी खबर मिली है। बजट को मंजूरी मिलने के बाद गुरुवार शाम होने वाली कैबिनेट की बैठक स्थगित कर दी गई है। अब कैबिनेट की बैठक 17 जुलाई को होगी।

बता दें कि हरीश रावत सरकार ने 18 मार्च को उत्तराखंड विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया था, लेकिन विनियोग विधेयक पर मतदान कराने की मांग के बाद बजट विवादों में आ गया था। इसके बाद कांग्रेस के 9 विधायकों ने हरीश रावत सरकार के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। 27 मार्च को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था।

इसके बाद केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के बजट को लोकसभा में पारित कराया। 11 मई को सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद रावत सरकार को तो बहाल कर दिया गया। इसके बावजूद 40 हजार करोड़ के बजट में से केंद्र ने राज्य सरकार को करीब 13 हजार करोड़ का ही अनुदान दिया था।

मुख्यमंत्री लगातार कहते रहे हैं कि केंद्र में फंसे राज्य के बजट के कारण विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। उनके हाथ बंधे हुए हैं। बजट जारी करने के लिए सीएम ने पिछले दिनों केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली से भी मुलाकात की थी। इसके बावजूद केंद्र ने अभी तक उत्तराखंड का बजट जारी नहीं किया था।

गौरतलब है कि बुधवार 13 जुलाई को ही सु्प्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला देते हुए अरुणाचल में पूर्व की कांग्रेस सरकार को बहाल कर दिया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने वहां राज्यपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा था कि अरुणाचल में राज्यपाल ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है।

माना जा रहा है कि उत्तराखंड के बाद अरुणाचल में कांग्रेस सरकारों की बहाली से केंद्र को लगातार दूसरा झटका लगा है। अरुणाचल पर आए फैसले के एक दिन बाद ही उत्तराखंड के बजट को मंजूरी मिलने को अरुणाचल से जोड़कर देखा जा रहा है।