‘ऊर्जा विभाग में 240 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के मामले में सतर्कता जांच की मांग’

उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी (AAP) ने ऊर्जा विभाग में 240 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इस संबंध में विजिलेंस विभाग द्वारा तुरंत एफआईआर दर्ज करने तथा निर्धारित समयावधि में जांच पूरी करने की मांग की।

अपनी इस मांग के संबंध में आप प्रदेश कार्यसमिति के अध्यक्ष अनूप नौटियाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार को एक पत्र सौंपा।

नौटियाल द्वारा लिखे गए इस पत्र में कहा गया है, ‘हम प्रदेशवासियों के हक के साथ हो रहे खिलवाड़ संबंध में ऊर्जा विभाग में हुए 240 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले को आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं। आप इस बात से अवगत हैं कि खुद मुख्यमंत्री हरीश रावत इस विभाग के मंत्री हैं और दुर्भाग्यवश ऊर्जा विभाग के वरिष्ठतम अधिकारियों के भ्रष्टाचार ने पूरे राज्य की छवि को शर्मशार किया है।’

चिट्ठी में कहा गया है कि उर्जा विभाग के सुदृढीकरण के लिए जारी की गई 240 करोड़ रुपये की ई-निविदाओं को अलग-अलग तारीखों में खोला गया। यह उत्तराखंड सरकार के नियमों का खुला उल्लंघन है और साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। इस पर कैग ने भी आपत्ति उठाई है।

इस संबंध में नौटियाल ने कहा कि उत्तराखंड में बढ़ते भ्रष्टाचार के मामलों के कारण आज राज्य की छवि देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों में भ्रष्टाचार में शीर्ष पर पहुंच गई है।

यह विडम्बना है कि राज्य में आज तक सामने आए भ्रष्टाचार के सभी बड़े मामलों में कोई भी जांच अपने अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंची और यदाकदा भ्रष्टाचार की शिकायतों पर हुई कार्रवाई में अधिकांशत: चौकीदार, चपरासी, पटवारी, तहसीलदार स्तर के छोटे कर्मचारियों पर ही गाज गिरी है।