देहरादून-ऋषिकेश-हरिद्वार के बीच चलेगी मोनो रेल, चीनी कंपनी के साथ प्रस्ताव तैयार

सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड में जल्द ही मोनो रेल चलाई जाएगी। बता दें कि राज्य की पहली मोनो रेल सेवा अस्थायी राजधानी देहरादून से तीर्थनगरी ऋषिकेश और धार्मिक नगरी हरिद्वार के बीच प्रस्तावित है।

इसको लेकर सोमवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में एक उच्चस्तरीय बैठक भी हो चुकी है। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल ने की। उन्होंने कहा कि जल्द ही उत्तराखंड में मोनो रेल परियोजना से स्थानीय जनता को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी।

बैठक में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष आर. मीनाक्षी सुंदरम द्वारा परियोजना के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोशिश है कि इस परियोजना का सर्वेक्षण कार्य जल्द शुरू किया जा सके, इसके लिए विभिन्न विशेषज्ञ संस्थाओं का चयन किया जाना है।

उन्होंने बताया कि मोनो रेल परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में देहरादून से ऋषिकेश के बीच चलने वाली इस मोनो रेल की दूरी 38 कि.मी. होगी। दूसरे चरण में ऋषिकेश से हरिद्वार 31 कि.मी. को जोड़ा जाएगा।

बैठक में परियोजना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। राज्य सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों पर चाइना रेलवे कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (इंटरनेशनल) लिमिटेड द्वारा अपनी सहमति व्यक्त की गई।

बैठक के बाद दिनेश अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार एवं चाइना रेलवे कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (इंटरनेशनल) लिमिटेड द्वारा जो सुझाव दिए गए है, उन पर विचार कर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। बैठक में रेलवे कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (इंटरनेशनल) लिमिटेड कंपनी के उपाध्यक्ष हुंआग जिंमिंन, चाइना की रेलवे कंपनी के प्रतिनिधिमंडल एवं स्थानिक आयुक्त एसडी शर्मा सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।

मोनो रेल के बारे में
monorail

मोनो रेल ऐसी ट्रेन है, जो रेलवे ट्रैक पर नहीं बल्कि जमीन से काफी ऊपर हवा में एक बीम के सहारे चलती है। ट्रेन के कोच इसी बीम पर चलती है। इसका मार्ग सड़क से 10 फीट या इससे अधिक ऊंचाई पर बनाया जाता है। इसकी रफ्तार अन्य ट्रेनों और बसों के मुकाबले ज्यादा होती है।

सफर के दौरान दुर्घटना की संभावना भी नहीं के बराबर होती है। जापान और मलयेशिया में मोनो रेल सर्वाधिक संख्या में चलती हैं। जापान के टोकियो में मोनो रेल का इस्तेमाल प्रतिदिन लगभग 1.27 लाख यात्री करते हैं। देश में पहली मोनो रेल 2014 में मुंबई में शुरू हुई है।